इसराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री ईतामार बेन-ग्वीर द्वारा गाजा जा रहे सहायता जहाज के कार्यकर्ताओं के साथ किए गए खराब व्यवहार पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर और कई अन्य इस्लामी देशों ने इस हरकत की कड़े शब्दों में निंदा की है। 24 मई 2026 को जारी एक साझा बयान में इन देशों ने इसराइली मंत्री की इस कार्रवाई को अमानवीय और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है।

खाड़ी और इस्लामी देशों ने दर्ज कराया कड़ा विरोध

इस मामले पर सऊदी अरब, यूएई, जॉर्डन, तुर्की, मिस्र, इंडोनेशिया, पाकिस्तान और कतर के विदेश मंत्रियों ने मिलकर एक साझा बयान जारी किया है। इन देशों का कहना है कि हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं का सार्वजनिक रूप से अपमान करना इंसानियत के खिलाफ है। यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकारों का सीधा उल्लंघन है। मंत्रियों ने चेतावनी दी कि इसराइली मंत्री की ऐसी भड़काऊ हरकतों से क्षेत्र में नफरत और उग्रवाद बढ़ेगा, जिससे शांति स्थापित करने की कोशिशों को नुकसान पहुंचेगा। सभी देशों ने इसराइली मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोपीय देशों ने भी की निंदा

इसराइली मंत्री की इस हरकत पर केवल अरब देश ही नहीं, बल्कि पश्चिमी देश भी नाराज हैं। इसराइल में अमेरिका के राजदूत माइक हकाबी ने इस हरकत को बेहद घटिया बताया है। वहीं, ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर ने इसे पूरी तरह से शर्मनाक करार दिया और सफाई के लिए इसराइली दूतावास को तलब किया। फ्रांस ने भी इसराइली राजदूत को समन भेजा है, जबकि इटली और स्पेन ने इस पर कड़ा ऐतराज जताया है। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने तो बेन-ग्वीर पर पूरे यूरोपीय संघ में एंट्री बैन लगाने की मांग की है। खुद इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस हरकत पर नाराजगी जताई है।

इंडोनेशियाई कार्यकर्ताओं की हुई घर वापसी

इस बीच 24 मई 2026 को इंडोनेशिया ने अपने उन 9 नागरिकों का स्वागत किया जो इस सहायता दल में शामिल थे और जिन्हें इसराइली सेना ने हिरासत में ले लिया था। दूसरी तरफ, स्पेन की आलोचना से नाराज होकर इसराइल ने मैड्रिड के राजनयिक को तलब कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। खाड़ी देशों के मंत्रियों का कहना है कि ऐसे नाजुक वक्त में इस तरह की भड़काऊ हरकतें माहौल को और ज्यादा खराब कर सकती हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इसराइली मंत्री ईतामार बेन-ग्वीर पर क्या आरोप लगे हैं?

उन पर गाजा जा रहे ग्लोबल सुमुद फ्लोटिला (Global Sumud Flotilla) के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर उनका सार्वजनिक रूप से अपमान करने और उसका वीडियो बनाने का आरोप लगा है।

किन-किन देशों ने इस कार्रवाई का विरोध किया है?

सऊदी अरब, यूएई, कतर, जॉर्डन, मिस्र, तुर्की, इंडोनेशिया और पाकिस्तान के साथ-साथ अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली और स्पेन जैसे पश्चिमी देशों ने भी इसकी कड़ी निंदा की है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.