सऊदी अरब और 7 अन्य इस्लामिक देशों ने वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनियों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर बड़ा बयान जारी किया है। 18 जून 2026 को इन देशों के विदेश मंत्रियों ने एक साथ मिलकर इसराइली बसने वालों की हरकतों की कड़ी निंदा की। इस मामले में सभी देशों ने इसराइल को जिम्मेदार ठहराया है।
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इन देशों ने खासतौर पर जिल्जिल्या के ग्रैंड मस्जिद और मजा़रा अल-नुबानी की अल-फारूक मस्जिद पर हुए हमलों का जिक्र किया। विदेश मंत्रियों ने कहा कि इबादतगाहों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र के नियमों का खुला उल्लंघन है।
इन देशों ने जताया विरोध
इस साझा बयान में निम्नलिखित देशों के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया:
- Saudi Arabia
- Jordan
- United Arab Emirates (UAE)
- Qatar
- Indonesia
- Pakistan
- Egypt
- Türkiye
इन मंत्रियों ने कहा कि इसराइली बसने वालों द्वारा किए गए ये हमले निंदनीय हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इसराइल द्वारा उठाए गए गैरकानूनी कदम इलाके में अस्थिरता और कट्टरपंथ को बढ़ावा दे रहे हैं, जिससे शांति की कोशिशें कमजोर हो रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील
सऊदी अरब और उसके साथी देशों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपनी कानूनी और नैतिक जिम्मेदारी निभाने को कहा। उन्होंने मांग की कि इसराइल को वेस्ट बैंक में अपनी खतरनाक हरकतों को रोकने और हिंसा खत्म करने के लिए मजबूर किया जाए। साथ ही, उन्होंने मांग की कि इन अपराधों के दोषियों को सजा मिले और उन्हें बचाने की कोशिश न की जाए।
बयान में फिलिस्तीनी लोगों के साथ एकजुटता जताई गई। इन देशों ने कहा कि फिलिस्तीनियों को उनके राष्ट्रीय अधिकार मिलने चाहिए। उन्होंने 1967 की सीमाओं के आधार पर एक स्वतंत्र और संप्रभु फिलिस्तीनी राज्य बनाने का समर्थन किया, जिसकी राजधानी पूर्वी यरूशलम हो।