Saudi Arabia और 7 अन्य देशों ने इसराइल के E1 सेटलमेंट प्लान का किया कड़ा विरोध, बताया अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन.

Aanya21 August 20262 min read66 viewsSaudi
Saudi Arabia और 7 अन्य देशों ने इसराइल के E1 सेटलमेंट प्लान का किया कड़ा विरोध, बताया अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन.

हाल ही में इसराइल के वेस्ट बैंक में बस्तियों के विस्तार को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी विरोध देखने को मिला है। 21 अगस्त 2026 को Saudi Arabia और सात अन्य प्रमुख देशों ने मिलकर एक संयुक्त बयान जारी किया। इस बयान में इसराइल के विवादित 'E1' सेटलमेंट प्लान और कब्जा किए गए फिलिस्तीनी इलाकों में बस्तियों को बढ़ाने के फैसले की कड़ी निंदा की गई है। इस диплоमैटिक विरोध की मुख्य वजह इसराइल द्वारा मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को जारी किया गया वह टेंडर है जिसके तहत कब्जे वाले यरुशलम के पूर्व में 1,234 नए सेटलमेंट यूनिट्स बनाए जाने हैं। इसके लिए बोली लगाने की आखिरी तारीख 19 अक्टूबर 2026 तय की गई है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ा विरोध और ब्रिटेन की सख्त चेतावनी

सऊदी अरब के अलावा ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, कनाडा और नॉर्वे के एक अलग गठबंधन ने भी इस टेंडर को पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है। इन देशों का मानना है कि इस तरह के कदम से टू-स्टेट सॉल्यूशन यानी दो-राष्ट्र के समाधान को बड़ा झटका लग रहा है। यूनाइटेड किंगडम यानी ब्रिटेन ने इस मामले में सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। ब्रिटेन सरकार बस्तियों के निर्माण से जुड़े लोगों पर संभावित प्रतिबंधों सहित कई कड़े उपाय लागू करने की तैयारी कर रही है। इसके अलावा स्पेन ने भी इसराइल से अपने फैसले को वापस लेने की अपील की है। स्पेन ने साफ शब्दों में कहा है कि इस तरह की बस्तियां बसाना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है और शांति की राह में एक बड़ा रोड़ा अटकाता है। कतर न्यूज एजेंसी यानी QNA की रिपोर्ट के मुताबिक, इन तमाम अंतरराष्ट्रीय विरोधों से यह साफ हो गया है कि 'E1' प्रोजेक्ट फिलिस्तीनी जमीन के भौगोलिक जुड़ाव को तोड़ सकता है, जिससे पूर्वी यरुशलम वेस्ट बैंक से पूरी तरह अलग हो जाएगा।

फिलिस्तीनी राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया और विस्थापन के आंकड़े

फिलिस्तीनी राष्ट्रपति Mahmoud Abbas ने अंतरराष्ट्रीय समर्थन का स्वागत किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस 'E1' प्रोजेक्ट की वजह से वेस्ट बैंक का उत्तरी और दक्षिणी हिस्सा एक-दूसरे से कट जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वेस्ट बैंक, पूर्वी यरुशलम और गाजा पट्टी एक ही भौगोलिक और राजनीतिक इकाई हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2023 से लेकर अब तक लगातार बढ़ती हिंसक घटनाओं के कारण 107 फिलिस्तीनी कस्बों और गांवों के लोगों को पूरी तरह या आंशिक रूप से अपना घर छोड़कर जाना पड़ा है। आरोप है कि इन हमलों को सरकारी समर्थन भी प्राप्त रहा है। संयुक्त राष्ट्र यानी UN ने पहले ही चेतावनी दी थी कि इस तरह का विस्तार 1967 की सीमाओं के आधार पर एक स्वतंत्र और संप्रभु फिलिस्तीनी देश बनने की उम्मीदों को खत्म कर देगा। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य यरुशलम और माले अडुमिम सेटलमेंट के बीच एक औपनिवेशिक संपर्क स्थापित करना है, जिसकी जानकारी Qatar News Agency की रिपोर्ट में विस्तार से दी गई है।

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