सऊदी अरब और तुर्की ने आपस में हाथ मिलाते हुए दो बड़े समझौतों पर दस्तखत किए हैं। यह समझौता मंगलवार, 9 जून 2026 को हुआ है, जिसका मकसद दोनों देशों के बीच लॉजिस्टिक्स और रेलवे नेटवर्क को मजबूत करना है। इस कदम से न सिर्फ दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ेगा, बल्कि आने वाले समय में खाड़ी देशों से यूरोप तक सामान पहुंचाना और सफर करना बेहद आसान हो जाएगा।
सऊदी अरब और तुर्की के बीच हुए समझौतों में क्या है खास?
इस ऐतिहासिक पहल के तहत दोनों देशों ने दो अलग-अलग समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए हैं। पहला समझौता लॉजिस्टिक्स सेवाओं से जुड़ा है। इसके तहत दोनों देश मिलकर लॉजिस्टिक्स सेंटर बनाएंगे, उनका संचालन करेंगे और अपनी तकनीकी जानकारियों को साझा करेंगे।
दूसरा समझौता रेलवे सेक्टर को मजबूत करने के लिए किया गया है। इसके मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
- रेलवे टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक तकनीकों का विकास करना।
- रेलवे के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए ट्रेनिंग और ह्यूमन रिसोर्स को बढ़ावा देना।
- रेल सुरक्षा मानकों को बेहतर करना और पर्यावरण के नुकसान को कम करना।
- रेलवे से जुड़े उद्योगों को स्थानीय स्तर पर विकसित करना।
तुर्की के परिवहन और बुनियादी ढांचा मंत्री अब्दुलकादिर उरालोग्लू ने इसे एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के बीच परिवहन क्षमता बढ़ेगी और साल 2012 से पहले के 20,000 यूनिट सालाना के व्यापारिक रिकॉर्ड को पार करने में मदद मिलेगी।
ऐतिहासिक हेजाज़ रेलवे को दोबारा शुरू करने की योजना
तुर्की की योजना ऐतिहासिक हेजाज़ रेलवे को फिर से आधुनिक बनाने और इसका विस्तार ओमान तक करने की है। इससे दोनों देशों को स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का एक वैकल्पिक व्यापारिक रास्ता मिल जाएगा। इस रूट के व्यावहारिक होने की जांच करने के लिए तुर्की से इराक और सऊदी अरब तक दो टेस्ट रन भी किए जा चुके हैं, जो सफल रहे हैं।
सऊदी अरब के परिवहन और लॉजिस्टिक्स सेवा मंत्री सालेह बिन नासिर अल-जासर ने कहा कि यह समझौता सऊदी विज़न 2030 के बिल्कुल अनुकूल है। इसका मकसद सऊदी अरब को एशिया, यूरोप और अफ्रीका को जोड़ने वाला एक प्रमुख वैश्विक लॉजिस्टिक्स हब बनाना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यह समझौता कब और किनके बीच हुआ?
यह समझौता मंगलवार, 9 जून 2026 को हुआ। इस पर सऊदी के परिवहन मंत्री सालेह बिन नासिर अल-जासर और तुर्की के परिवहन मंत्री अब्दुलकादिर उरालोग्लू ने हस्ताक्षर किए।
रेलवे समझौते से क्या फायदा होगा?
इससे दोनों देशों के बीच रेलवे टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर और सेफ्टी पर मिलकर काम होगा। साथ ही ऐतिहासिक हेजाज़ रेलवे को आधुनिक बनाकर ओमान तक जोड़ने की योजना है।
