सऊदी अरब में धार्मिक मामलों के विभाग ने ईद-उल-अजहा की नमाज़ को लेकर एक बड़ा और महत्वपूर्ण ऐलान किया है। साल 2026 के ईद-उल-अजहा के पावन अवसर पर मक्का की मस्जिद अल-हरम और मदीना की मस्जिद-ए-नबवी में नमाज़ और खुतबा देने वाले खतीबों के नामों की आधिकारिक घोषणा कर दी गई है। इस फैसले के बाद दोनों पवित्र मस्जिदों में नमाज़ की तैयारियां बेहद तेज कर दी गई हैं।

किन खतीबों को मिली है ईद की नमाज़ कराने की जिम्मेदारी?

सऊदी अरब के धार्मिक मामलों के विभाग द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आदेश के तहत दोनों मस्जिदों के लिए खतीब तय कर दिए गए हैं:

  • मस्जिद अल-हरम (मक्का): यहां ईद-उल-अजहा की नमाज़ और खुतबा का नेतृत्व प्रसिद्ध शेख बंदर बलीला करेंगे। वह सऊदी अरब की वरिष्ठ विद्वान परिषद के सम्मानित सदस्य भी हैं।
  • मस्जिद-ए-नबवी (मदीना): इस पवित्र मस्जिद में ईद-उल-अजहा की नमाज़ और खुतबे का संचालन शेख अली अल-हुदैफी द्वारा किया जाएगा।

अराफात के दिन का मुख्य खुतबा कौन देगा और क्या है तैयारी?

खगोलीय गणना के अनुसार, साल 2026 में यौम-ए-अराफात मंगलवार, 26 मई 2026 को होने जा रहा है। इसके ठीक अगले दिन यानी बुधवार, 27 मई 2026 को ईद-उल-अजहा का पहला दिन होने की उम्मीद जताई गई है।

शाही मंजूरी के बाद मस्जिद-ए-नबवी के इमाम और खतीब शेख डॉ. अली बिन अब्दुर्रहमान अल-हुदैफी को अराफात के मैदान में स्थित मस्जिद-ए-निमराह से इस साल का मुख्य खुतबा देने के लिए नियुक्त किया गया है। धार्मिक मामलों के प्रमुख शेख डॉ. अब्दुल रहमान अल-सुदैस ने जानकारी दी है कि अराफात के इस विशेष खुतबे को दुनिया की 35 अलग-अलग भाषाओं में ट्रांसलेट किया जाएगा। इस हाई-टेक डिजिटल ट्रांसलेशन के जरिए दुनिया भर के करीब 3 करोड़ से अधिक लोगों तक इस संदेश को लाइव पहुंचाने की योजना बनाई गई है।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मस्जिदों में विशेष इंतजाम

सऊदी अरब के इस्लामी मामलों के मंत्रालय ने पहले ही केंद्रीय क्षेत्रों और पवित्र स्थलों की सभी मस्जिदों में तैयारियां पूरी होने की पुष्टि कर दी है। तीर्थयात्रियों के स्वागत के लिए मस्जिदों में पानी, बिजली, एयर कंडीशनिंग और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि नमाज़ के दौरान किसी भी श्रद्धालु को कोई परेशानी न हो।

Frequently Asked Questions (FAQs)

साल 2026 में ईद-उल-अजहा कब मनाई जाएगी?

खगोलीय गणना के अनुसार, साल 2026 में ईद-उल-अजहा का पहला दिन बुधवार, 27 मई 2026 को होने की उम्मीद है, जबकि अराफात का दिन मंगलवार, 26 मई 2026 को होगा।

मस्जिद अल-हरम में इस साल ईद की नमाज़ कौन पढ़ाएगा?

धार्मिक मामलों के विभाग की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, मक्का की मस्जिद अल-हरम में इस साल ईद-उल-अजहा की नमाज़ और खुतबा देने की जिम्मेदारी शेख बंदर बलीला को दी गई है।

अराफात के खुतबे को कितनी भाषाओं में सुना जा सकेगा?

सऊदी अरब के धार्मिक मामलों के विभाग ने बताया है कि अराफात के ऐतिहासिक खुतबे को आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए 35 वैश्विक भाषाओं में लाइव ट्रांसलेट किया जाएगा।