सऊदी अरब के गृह मंत्रालय (Ministry of Interior) ने भीख मांगने को लेकर सख्त रुख अपनाया है। मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा है कि किसी भी रूप में भीख मांगना गैरकानूनी है और भिखारियों की शिकायत करना हर नागरिक और प्रवासी का राष्ट्रीय कर्तव्य है। रमजान के आखिरी 10 दिनों में दान देने वालों की संख्या बढ़ती है, जिसका फायदा उठाकर कुछ लोग और गिरोह भीख मांगने का काम तेज कर देते हैं। इसे रोकने के लिए सरकार ने बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है और लोगों से सहयोग की मांग की है।

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पकड़े जाने पर क्या है सजा और जुर्माना?

सरकार ने भीख मांगने वालों और उनकी मदद करने वालों के लिए सख्त सजा और जुर्माने का नियम तय किया है। इसके तहत निम्नलिखित कार्रवाई की जाएगी:

  • अकेले भीख मांगने या इसमें मदद करने पर 6 महीने तक की जेल या 50,000 सऊदी रियाल का जुर्माना देना होगा।
  • गिरोह बनाकर पेशेवर तरीके से भीख मंगवाने पर 1 साल तक की जेल और 1,00,000 रियाल का जुर्माना तय किया गया है।
  • बार-बार यह अपराध करने वालों को दोगुनी सजा दी जाएगी और भीख से मिले सभी पैसे और सामान जब्त कर लिए जाएंगे।
  • पकड़े गए प्रवासियों (Non-Saudis) को सजा पूरी होने और जुर्माना भरने के बाद उनके देश वापस भेज दिया जाएगा (Deport) और उनके सऊदी लौटने पर बैन लगा दिया जाएगा। प्रवासियों को केवल हज या उमराह के लिए आने की छूट होगी।

शिकायत कैसे करें और पैसा कहां दान करें?

आम लोग बिना किसी डर के भिखारियों की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। सरकार ने भरोसा दिया है कि शिकायत करने वाले की जानकारी पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी और उस पर कोई कानूनी जिम्मेदारी नहीं होगी। मक्का, रियाद, मदीना और पूर्वी प्रांत के लोग 911 पर कॉल कर सकते हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों के लोग 999 पर कॉल करके तुरंत सूचना दे सकते हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वह अपना पैसा सड़कों पर न बांटें, क्योंकि इसका इस्तेमाल मानव तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराधों में हो सकता है। जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने के लिए Ehsan, Furijat और Sahem जैसे मान्यता प्राप्त प्लेटफार्म का ही उपयोग करें।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.