सऊदी अरब ने भीख मांगने वालों के खिलाफ अपनी कार्रवाई बहुत तेज कर दी है। रमजान के पवित्र महीने में मस्जिदों के आसपास या अंदर भीख मांगना अब भारी पड़ सकता है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियम तोड़ने वाले प्रवासियों को जेल की सजा और भारी जुर्माने के साथ देश से निकाल दिया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियां इस मामले में जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही हैं।
सऊदी में भीख मांगने पर क्या है सजा?
सऊदी कानून के मुताबिक, अगर कोई विदेशी भीख मांगते पकड़ा जाता है तो उसे 6 महीने की जेल हो सकती है। इसके साथ ही 50,000 रियाल तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। सजा पूरी होने के बाद उस व्यक्ति को डिपोर्ट यानी वापस उसके देश भेज दिया जाएगा। यह नियम उमरा या टूरिस्ट वीजा पर आए लोगों पर भी सख्ती से लागू होता है जो वीजा का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।
हजारों लोगों पर हुई कार्रवाई
सऊदी प्रशासन लगातार ऐसे लोगों की पहचान कर रहा है जो पवित्र शहरों में लोगों की भावनाओं का फायदा उठाते हैं। हाल ही के आंकड़ों से पता चलता है कि खाड़ी देशों में इस पर बड़ी कार्रवाई की गई है। नीचे दी गई टेबल में आप देख सकते हैं कि हाल ही में कितने लोगों को वापस भेजा गया है:
| देश | कार्रवाई (Deportation) |
|---|---|
| सऊदी अरब | 24,000 (पाकिस्तानी नागरिक) |
| UAE | 6,000 (लगभग) |
| अज़रबैजान | 2,500 (लगभग) |
मस्जिदों के अंदर भीख मांगना मना
इस्लामिक मामलों के मंत्रालय ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि मस्जिदों के अंदर कोई भी भीख नहीं मांग सकता है। रमजान के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर कई लोग ऐसा करते हैं। अब मस्जिद के कर्मचारियों को आदेश है कि वे ऐसे लोगों की सूचना तुरंत सुरक्षा अधिकारियों को दें। अगर किसी को दान या खैरात देनी है, तो उसे सिर्फ सरकारी या आधिकारिक संस्थाओं (Official Channels) के जरिए ही मदद करनी चाहिए।
