सऊदी अरब सरकार ने ‘तसत्तुर’ यानी कमर्शियल कंसीलमेंट के खिलाफ अपनी सख्ती बढ़ा दी है। अगर कोई विदेशी नागरिक किसी सऊदी नागरिक के लाइसेंस का इस्तेमाल करके चोरी-छिपे बिजनेस चला रहा है, तो अब वह बड़ी मुसीबत में फंस सकता है। सरकार ने ऐसे मामलों में जेल और भारी जुर्माने का ऐलान किया है ताकि व्यापारिक नियमों का पालन हो सके।

ℹ: Saudi Arabia New Law: सऊदी अरब का बड़ा एक्शन, गलत तरीके से बिज़नेस करने वालों को होगी जेल और देश निकाला

कमर्शियल कंसीलमेंट या तसत्तुर क्या है और यह क्यों गलत है?

सऊदी अरब के नियमों के मुताबिक, जब कोई सऊदी नागरिक किसी गैर-सऊदी व्यक्ति के साथ ऐसा समझौता करता है जिससे वह विदेशी व्यक्ति सऊदी के लाइसेंस या मंजूरी का उपयोग करके कोई आर्थिक गतिविधि या बिजनेस कर सके, तो इसे कंसीलमेंट (Tasattur) कहा जाता है। यह इसलिए गलत है क्योंकि वह विदेशी व्यक्ति उस काम को करने के लिए कानूनी रूप से लाइसेंस प्राप्त नहीं होता है। National Program to Combat Commercial Concealment इसी तरह के अवैध समझौतों को रोकने का काम कर रहा है।

नियम तोड़ने वालों को क्या सजा मिलेगी?

Ministry of Commerce और अन्य सरकारी विभागों ने इस कानून का उल्लंघन करने वालों के लिए बहुत कड़े दंड तय किए हैं। पकड़े जाने पर निम्नलिखित कार्रवाई की जा सकती है:

  • जेल की सजा: दोषी व्यक्ति को 5 साल तक की जेल हो सकती है।
  • भारी जुर्माना: 50 लाख रियाल (SR 5 million) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • बिजनेस पर कार्रवाई: अवैध तरीके से चल रहे संस्थान को बंद कर दिया जाएगा और उसका कमर्शियल रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जाएगा।
  • देश से निष्कासन: गैर-सऊदी व्यक्तियों को डिपोर्ट (Deport) कर दिया जाएगा और उन पर दोबारा काम के लिए सऊदी अरब आने पर स्थायी प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।

मई 2026 के ताजा अपडेट और जांच की स्थिति

मई 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब में अब डेटा और डिजिटल सिस्टम के जरिए जांच की जा रही है। मार्च के महीने में करीब 2,611 निरीक्षण किए गए, जिनमें 71 संदिग्ध मामले सामने आए। इन सभी मामलों को जांच के लिए Public Prosecution को भेज दिया गया है। इसके अलावा, नई Saudi Companies Law के तहत अब बिजनेस मालिकों के लिए अपनी असली ओनरशिप (Beneficial Ownership) का खुलासा करना जरूरी कर दिया गया है। जो कंपनियां इस नियम का पालन नहीं करेंगी, उनकी सेवाएं निलंबित की जा सकती हैं और उन पर जुर्माना लगाया जा सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या तसत्तुर के उल्लंघन को सुधारने का कोई मौका मिला था?

हाँ, सरकार ने एक सुधार अवधि (Grace Period) दी थी, जो 16 फरवरी 2022 को समाप्त हो गई। अब इसके बाद पकड़े जाने वाले सभी मामलों में सीधे तौर पर सख्त कानूनी कार्रवाई और दंड लागू किया जा रहा है।

यह नियम प्रवासियों (Expats) और भारतीय व्यापारियों को कैसे प्रभावित करता है?

जो प्रवासी किसी सऊदी के नाम पर दुकान या कंपनी चला रहे हैं, उन्हें भारी जुर्माना देना पड़ सकता है और वे स्थायी रूप से डिपोर्ट किए जा सकते हैं। इसलिए सभी प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे केवल वैध लाइसेंस और सही निवेश नियमों के तहत ही बिजनेस करें।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.