सऊदी अरब ने 30 जुलाई 2026 को ‘वर्ल्ड डे अगेंस्ट ट्रैफिकिंग इन पर्सन्स’ के मौके पर मानव तस्करी जैसी गंभीर समस्याओं को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया है। सऊदी की मानवाधिकार आयोग की अध्यक्ष डॉ. हाला अल-तुवैजरी ने स्पष्ट किया है कि तस्करी रोकना देश की एक बड़ी मानवीय जिम्मेदारी है। इस साल का ग्लोबल विषय ‘ट्रैप्ड बिहाइंड द स्कैम’ रखा गया है, जो मुख्य रूप से ऑनलाइन होने वाली धोखाधड़ी पर ध्यान केंद्रित करता है।
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सऊदी सरकार की बड़ी तैयारी
सऊदी अरब ने मानव तस्करी को रोकने के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचा तैयार किया है। इसमें लेबर लॉ, चाइल्ड प्रोटेक्शन लॉ, और एंटी-हैरसमेंट जैसे कई कड़े कानून शामिल हैं। सरकार ने 2024 से 2027 तक के लिए एक नेशनल एक्शन प्लान भी लागू किया है, जो तस्करी को रोकने, पीड़ितों की सुरक्षा करने और दोषियों को सजा दिलाने पर काम करता है। इसके लिए एक खास इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म भी बनाया गया है, ताकि तस्करी से जुड़े मामलों की जांच तेजी से हो सके।
प्रवासियों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
सऊदी अरब के मिनिस्ट्री ऑफ ह्यूमन रिसोर्सेज एंड सोशल डेवलपमेंट ने जानकारी दी है कि 2026 की पहली तिमाही में ही 120,000 से ज्यादा जगहों पर जांच की गई है। इस दौरान 1,600 से अधिक ऐसे मामले सामने आए जिन पर संदेह था। इन मामलों में काम करने वालों की सुरक्षा के लिए खास ट्रेनिंग भी दी जा रही है। इसके अलावा, सऊदी सरकार ने International Organization for Migration (IOM) और United Nations Office on Drugs and Crime (UNODC) के साथ मिलकर नए समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, ताकि विदेशों से आने वाले लोगों को किसी भी तरह के शोषण से बचाया जा सके।
