सऊदी अरब ने मनी लॉन्ड्रिंग यानी काले धन को सफेद करने वाली गतिविधियों को रोकने के लिए अपने नियमों को और सख्त कर दिया है। अब देश में आने-जाने वाले यात्रियों और बिजनेस करने वालों को बहुत सावधानी बरतनी होगी। सरकार ने यह कदम वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए उठाया है, जो कि विजन 2030 की रणनीति का हिस्सा है।

सबसे बड़ा बदलाव उन लोगों के लिए है जो यात्रा कर रहे हैं। अब अगर कोई यात्री 40,000 सऊदी रियाल से ज्यादा कैश या कीमती धातु जैसे सोना लेकर चलता है, तो उसे इसकी आधिकारिक जानकारी देना जरूरी होगा। यह नियम उन भारतीय प्रवासियों और यात्रियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो अक्सर भारत और सऊदी अरब के बीच यात्रा करते हैं और अपने साथ नकदी ले जाते हैं।

इसके अलावा, सऊदी सरकार ने अपनी निगरानी का दायरा काफी बढ़ा दिया है। अब रियल एस्टेट ब्रोकरेज, सोने और कीमती धातुओं का व्यापार, इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो और पैसों के ट्रांसफर जैसे कामों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। इन क्षेत्रों में होने वाले लेनदेन की अब बारीकी से जांच होगी।

कंपनियों के लिए भी नए नियम लागू किए गए हैं। 3 अप्रैल 2025 से लागू हुए UBO नियमों के मुताबिक, अब हर कंपनी को अपने असली मालिक की जानकारी वाणिज्य मंत्रालय (Ministry of Commerce) को देनी होगी। अगर किसी व्यक्ति के पास कंपनी के 25% या उससे ज्यादा शेयर या कंट्रोल है, तो उसका नाम रजिस्टर करना अनिवार्य है और किसी भी बदलाव की सूचना 15 दिन के भीतर देनी होगी।

सरकार ने बड़े सरकारी अधिकारियों, नेताओं और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों (PEPs) की भी कड़ी जांच करने का फैसला किया है। इन नियमों को लागू करने के लिए सऊदी सेंट्रल बैंक (SAMA), कैपिटल मार्केट अथॉरिटी (CMA) और सऊदी फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट (SAFIU) जैसी संस्थाएं काम कर रही हैं।

सऊदी अरब AML नियमों की मुख्य बातें

विवरण नियम और जानकारी
यात्री घोषणा सीमा 40,000 सऊदी रियाल से अधिक कैश या सोना
लाभकारी स्वामित्व (UBO) सीमा 25% या अधिक शेयर या कंट्रोल
UBO रिपोर्टिंग समय बदलाव के 15 दिनों के भीतर
रिकॉर्ड रखने की अवधि कम से कम 10 साल
UBO नियम लागू तारीख 3 अप्रैल 2025
SAMA सर्कुलर मार्च 2025 (टारगेटेड फाइनेंशियल सैंक्शन)
ETMF फ्रेमवर्क जुलाई 2025 (ट्रांजैक्शन मॉनिटरिंग)

इन सख्त नियमों के कारण कई वित्तीय संस्थानों पर जुर्माना भी लगाया गया है। नवंबर 2024 में Alinma Bank पर रिपोर्टिंग में देरी और निगरानी में कमी के कारण 82 लाख सऊदी रियाल का जुर्माना लगाया गया था। साथ ही, कंट्रोल और एंटी-करप्शन अथॉरिटी (Nazaha) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 1,700 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है।