Saudi Arabia New Law: सऊदी अरब ने बदला मनी लॉन्ड्रिंग कानून, अब लगेगा भारी जुर्माना और लगेगा ट्रैवल बैन
सऊदी अरब ने मनी लॉन्ड्रिंग यानी काले धन को सफेद करने के खिलाफ अपने कानूनों को बहुत सख्त कर दिया है। सरकार अब वित्तीय अपराधों को रोकने के लिए संपत्ति जब्त करने और यात्रा पर पाबंदी लगाने जैसे कड़े कदम उठाएगी। ये बदलाव अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने और आर्थिक अपराधों को जड़ से खत्म करने के लिए किए गए हैं।
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नए कानून में क्या हैं सज़ा और जुर्माना?
सऊदी सरकार ने अब नियमों को और कड़ा कर दिया है। नियमों का पालन न करने वालों पर 50 लाख रियाल तक का जुर्माना लग सकता है और उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है। 1 अप्रैल 2026 से यात्रा नियमों में भी बड़ा बदलाव होगा। इसके तहत प्रतिबंधित देशों में जाने वाले नागरिकों पर 30,000 से 60,000 रियाल तक का जुर्माना लगाया जाएगा और उन पर 2 से 5 साल तक का ट्रैवल बैन भी लग सकता है।
प्रवासियों और प्रॉपर्टी नियमों पर क्या असर होगा?
सऊदी में रहने वाले प्रवासियों को अब अपनी पहचान साबित करने के लिए Yaqeen जैसे सरकारी प्लेटफॉर्म के जरिए KYC और पहचान की जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा। वहीं, जनवरी 2026 से एक नया नियम लागू होगा, जिसके तहत गैर-सऊदी निवासी मक्का और मदीना को छोड़कर बाकी इलाकों में एक रिहायशी प्रॉपर्टी के मालिक बन सकेंगे। विदेशी कंपनियों को अब अपने असली मालिकों की जानकारी देना अनिवार्य होगा, वरना भारी जुर्माने का सामना करना पड़ेगा।
कौन सी संस्थाएं रखेंगी इन नियमों पर नज़र?
सऊदी अरब में वित्तीय लेन-देन और कानूनों की निगरानी के लिए कई विभाग काम कर रहे हैं। इनकी मुख्य जिम्मेदारियां नीचे दी गई तालिका में समझ सकते हैं:
| संस्था का नाम | मुख्य काम |
|---|---|
| SAMA (Saudi Central Bank) | बैंकों और वित्तीय कंपनियों की निगरानी करना |
| CMA (Capital Market Authority) | शेयर बाज़ार और निवेश फंड्स की देखरेख करना |
| SAFIU | संदिग्ध लेन-देन की रिपोर्ट जुटाना और जांच करना |
| Permanent Committee | अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल बिठाना |
| Ministry of Interior | प्रतिबंधित देशों की सूची तय करना |
| Real Estate General Authority | प्रॉपर्टी मालिकाना हक के नियमों पर सुझाव देना |