Saudi Arabia: नई मैरीटाइम डिफेंस कोयलिशन का ऐलान, रियर एडमिरल अब्दुल्ला बिन सलेम अल-शेहरी बने कमांडर

Sushma Kumari6 August 20262 min read55 viewsSaudi
Saudi Arabia: नई मैरीटाइम डिफेंस कोयलिशन का ऐलान, रियर एडमिरल अब्दुल्ला बिन सलेम अल-शेहरी बने कमांडर

सऊदी अरब ने समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। 6 अगस्त 2026 को सऊदी रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि रियर एडमिरल अब्दुल्ला बिन सलेम अल-शेहरी को नई बनी 'मल्टीनेशनल मैरीटाइम डिफेंस कोयलिशन' का कमांडर नियुक्त किया गया है। यह फैसला समुद्री रास्तों की सुरक्षा और नेविगेशन की आजादी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। इस गठबंधन के गठन की जानकारी Saudi Press Agency (SPA) ने दी है।

समुद्री सुरक्षा और गठबंधन का उद्देश्य

इस गठबंधन का मुख्य काम समुद्री रास्तों, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और मानवीय आपूर्ति चेन को सुरक्षित रखना है। यह पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहकर काम करेगा। गठबंधन का उद्देश्य किसी भी प्रकार के समुद्री खतरे से निपटना और दुनिया भर के देशों के साथ मिलकर सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता करना है। इस गठबंधन के बारे में पहली जानकारी 30 जुलाई 2026 को रियाद में हुई एक बैठक के दौरान मिली थी, जिसमें 43 देशों और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था।

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कमांडर की जिम्मेदारी और आगे की प्रक्रिया

रियर एडमिरल अब्दुल्ला बिन सलेम अल-शेहरी इस नई जॉइंट नेवल कमांड की देखरेख करेंगे। उनकी जिम्मेदारी में प्लानिंग को व्यवस्थित करना, ऑपरेशन का संचालन करना और सदस्य देशों के बीच जानकारी साझा करने के लिए माहौल तैयार करना शामिल है। इसके साथ ही, अलग-अलग देशों के बीच संयुक्त प्रशिक्षण और कैपेसिटी-बिल्डिंग प्रोग्राम भी चलाए जाएंगे।

आने वाले समय में इस गठबंधन को और भी विस्तार देने की तैयारी है। 12 से 13 अगस्त 2026 के बीच एक अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें नए सदस्यों को गठबंधन में शामिल करने पर चर्चा की जाएगी। एक बार सभी प्रक्रियाएं पूरी हो जाने के बाद, इसमें शामिल होने वाले देशों की सूची सार्वजनिक कर दी जाएगी। सऊदी अरब का यह प्रयास समुद्री व्यापार से जुड़े लोगों और उन लाखों प्रवासियों के लिए भी राहत की बात है, जो इन समुद्री रास्तों के माध्यम से आने-जाने वाली सेवाओं और आपूर्ति पर निर्भर रहते हैं। सुरक्षा के मजबूत होने से भविष्य में समुद्री व्यापार में स्थिरता बनी रहेगी।

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