सऊदी अरब की काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने गल्फ देशों को रेल नेटवर्क से जोड़ने के जनरल एग्रीमेंट को मंजूरी दे दी है. यह फैसला बहरीन में हुई एक बैठक के दौरान लिया गया. इस बड़े प्रोजेक्ट के पूरा होने से पूरे गल्फ क्षेत्र में यात्रा करना और व्यापार करना बहुत आसान हो जाएगा, जिससे आम लोगों और प्रवासियों को काफी फायदा मिलेगा.

GCC रेल प्रोजेक्ट की पूरी जानकारी और समय सीमा

यह रेल नेटवर्क लगभग 1,700 से 2,186 किलोमीटर लंबा होगा. इसके जरिए कुवैत, सऊदी अरब, बहरीन, कतर, यूएई और ओमान को एक साथ जोड़ा जाएगा. GCC रेलवे अथॉरिटी के डायरेक्टर जनरल मोहम्मद अल-शब्रामी ने बताया कि इस काम का 50 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा पूरा हो चुका है. यह पूरा नेटवर्क दिसंबर 2030 तक चालू होने की उम्मीद है. इसका मकसद सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करना और पर्यावरण को बचाना है.

सऊदी अरब का ट्रैक और हाई-स्पीड ट्रेन का प्लान

सऊदी अरब रेलवे (SAR) ने अपने हिस्से के करीब 362 किलोमीटर लंबे नेटवर्क के डिजाइन के लिए टेंडर जारी किया है, जिसके लिए आवेदन 30 जून तक लिए जाएंगे. इसके अलावा, सऊदी अरब और कतर के बीच एक खास इलेक्ट्रिक हाई-स्पीड रेल लिंक की भी मंजूरी दी गई है. इस प्रोजेक्ट की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • कुल दूरी: यह लाइन रियाद और दोहा के बीच 785 किलोमीटर लंबी होगी.
  • रफ्तार: ट्रेन की रफ्तार 300 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा रहेगी.
  • समय की बचत: इस हाई-स्पीड ट्रेन से रियाद और दोहा के बीच का सफर सिर्फ 2 घंटे में पूरा हो जाएगा.

Frequently Asked Questions (FAQs)

GCC रेल नेटवर्क कब तक पूरी तरह चालू होगा

GCC रेलवे अथॉरिटी के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट दिसंबर 2030 तक पूरी तरह चालू हो जाएगा और अभी इसका 50 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है.

सऊदी और कतर के बीच हाई-स्पीड ट्रेन की क्या खासियत है

यह 785 किलोमीटर लंबा ट्रैक होगा जो रियाद और दोहा को जोड़ेगा. इसकी रफ्तार 300 किमी प्रति घंटा से ज्यादा होगी, जिससे सफर मात्र 2 घंटे में पूरा होगा.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.