सऊदी अरब ने मंजूर किया GCC का नया वॉलेंटियर लॉ, अब बिना लाइसेंस के नहीं कर पाएंगे समाज सेवा.

Aanya25 August 20262 min read48 viewsSaudi
सऊदी अरब ने मंजूर किया GCC का नया वॉलेंटियर लॉ, अब बिना लाइसेंस के नहीं कर पाएंगे समाज सेवा.

सऊदी अरब की मंत्रिपरिषद और कैबिनेट ने 25 अगस्त 2026 को गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल यानी GCC देशों के बीच वॉलेंटियर यानी स्वयंसेवी काम के लिए एक नए और एक जैसे सिस्टम को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी है। यह फैसला खाड़ी देशों के बीच सामाजिक कार्यों और मानवीय सहायता को बेहतर बनाने के लिए लिया गया है। इस नए कानून के आने से अब बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात यानी UAE जैसे सभी सदस्य देशों में वॉलेंटियर से जुड़े नियम एक जैसे हो जाएंगे, जिससे लोगों को समाज सेवा करने में आसानी होगी और नियमों में एकरूपता बनी रहेगी।

नया कानून और उसकी मुख्य बातें

इस नए कानून के तहत वॉलेंटियर यानी स्वयंसेवी काम की एक साफ परिभाषा तय की गई है। इसके मुताबिक, किसी भी व्यक्ति या कानूनी संस्था द्वारा बिना किसी आर्थिक फायदे या पैसे की उम्मीद के अपना समय, मेहनत, कौशल या गतिविधियां देना ही वॉलेंटियर वर्क कहलाता है। नए नियमों के अनुसार, अब कोई भी व्यक्ति अपनी मर्जी से बिना अनुमति के वॉलेंटियर टीमें नहीं बना पाएगा और न ही बिना सरकारी मंजूरी के कोई स्वयंसेवी काम शुरू कर पाएगा। ऐसा करने के लिए संबंधित और अधिकृत विभाग से आधिकारिक लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है।

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इस सिस्टम की खास बातों में वॉलेंटियर और कार्यक्रमों के लिए एक जैसे नेशनल रजिस्टर बनाना शामिल है। इसके अलावा, जो संगठन या संस्थाएं वॉलेंटियर प्रोग्राम चलाती हैं, उनकी यह जिम्मेदारी होगी कि वे काम करने वाले लोगों की सुरक्षा और ट्रेनिंग का पूरा ध्यान रखें। कानून में यह भी साफ तौर पर मना किया गया है कि कोई भी व्यक्ति वॉलेंटियर कामों के नाम पर बिना अनुमति के चंदा या पैसा इकट्ठा नहीं कर सकता है और न ही इस तरह के कामों से सीधा वित्तीय लाभ कमा सकता है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप इस आधिकारिक स्रोत पर जा सकते हैं।

क्षेत्रीय स्तर पर सहयोग और दूसरे देशों में तैयारी

यह क्षेत्रीय पहल समाज में जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने और संकट के समय में एक-दूसरे की मदद करने के लिए बनाई गई है, जिसमें सरहद पार जाकर राहत पहुंचाने के नियम भी शामिल हैं। गल्फ देशों के सुप्रीम काउंसिल के निर्देशों के बाद इस दिशा में कई देशों ने पहले ही काम शुरू कर दिया था। कतर ने जून 2026 में कानून संख्या 6 के जरिए इस यूनिफाइड सिस्टम को लागू किया था, जबकि कुवैत ने साल 2024 के डिक्री-लॉ संख्या 49 के तहत इससे जुड़े नियम पहले ही अपना लिए थे। सऊदी अरब द्वारा इस कानून को मंजूरी देना खाड़ी देशों के बीच मानवीय और सामाजिक क्षेत्रों में आपसी तालमेल को और ज्यादा मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस बारे में कानूनी और विस्तृत जानकारी यूएस लाइब्रेरी ऑफ कांग्रेस की रिपोर्ट में भी देखी जा सकती है।

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