सऊदी अरब में हज यात्रा के खास मौके पर अराफात के दिन दिए जाने वाले खुतबे को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। ग्रैंड मस्जिद और पैगंबर मस्जिद के धार्मिक मामलों के प्रेसीडेंसी ने अराफात दिन के खुतबे के ट्रांसलेशन प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस बार इस खास खुतबे को दुनिया की 35 अलग-अलग भाषाओं में ट्रांसलेट किया गया है ताकि दुनिया भर के लोग इसे अपनी भाषा में समझ सकें।

किन भाषाओं में हुआ ट्रांसलेशन और लोगों को कैसे मिला इसका फायदा

धार्मिक मामलों के प्रेसीडेंसी के अध्यक्ष शेख डॉ. अब्दुर्रहमान अल-सुदैस ने इस बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत अराफात दिन के खुतबे को 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में ट्रांसलेट किया गया। इस अनुवाद को प्रेसीडेंसी के डिजिटल प्लेटफॉर्म और इससे जुड़े चैनलों पर लाइव ब्रॉडकास्ट किया गया। इसके साथ ही ब्रॉडकास्टिंग एंड टेलीविजन अथॉरिटी ने अल-कुरान अल-करीम और अल-सुन्नाह अल-नबवियाह चैनलों पर क्यूआर कोड भी दिखाए ताकि तीर्थयात्री और दुनिया भर के मुसलमान आसानी से इस अनुवाद तक पहुंच सकें।

क्या था इस बड़े ट्रांसलेशन प्रोजेक्ट को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य

इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य इस्लाम के शांति, मानवता और सहिष्णुता के संदेश को दुनिया भर के लोगों तक पहुंचाना है, विशेष रूप से उनके लिए जो अरबी भाषा नहीं जानते हैं। इस काम को बेहतर ढंग से पूरा करने के लिए खास टेक्निकल, मीडिया और ट्रांसलेशन टीमों को तैनात किया गया था। इस सफल प्रयास से आधुनिक तकनीक और डिजिटल प्लेटफॉर्म का सही इस्तेमाल करके हज के इस पवित्र संदेश को वैश्विक स्तर पर पहुंचाया गया। सभी 35 भाषाओं में रिकॉर्ड किए गए खुतबे अब उनके आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अराफात दिन के खुतबे को कितनी भाषाओं में ट्रांसलेट किया गया है?

इस साल अराफात दिन के खुतबे को दुनिया की 35 प्रमुख अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में ट्रांसलेट किया गया है ताकि गैर-अरबी भाषी लोग इसे आसानी से समझ सकें।

लोग इस ट्रांसलेटेड खुतबे को कैसे सुन या पढ़ सकते हैं?

लोग धार्मिक मामलों की प्रेसीडेंसी के डिजिटल प्लेटफॉर्म और अल-कुरान अल-करीम जैसे चैनलों पर दिखाए गए क्यूआर कोड को स्कैन करके इसे एक्सेस कर सकते हैं।