सऊदी अरब सरकार ने हज यात्रियों और दुनिया भर के मुसलमानों के लिए एक बहुत बड़ी सुविधा का ऐलान किया है। साल 1447 हिजरी के अराफात के दिन दिए जाने वाले खुतबे (Arafat Day Sermon) को इस बार हिंदी, उर्दू और बंगाली समेत दुनिया की 35 बड़ी भाषाओं में ट्रांसलेट किया जाएगा। सऊदी अरब के धार्मिक मामलों के विभाग ने इस खास डिजिटल ट्रांसलेशन प्लेटफॉर्म की पूरी तैयारी कर ली है। इससे दुनिया भर के लोग अपनी स्थानीय भाषा में इस पाक खुतबे को आसानी से सुन सकेंगे।

मस्जिद अल-हरम और मस्जिद-ए-नबवी के धार्मिक मामलों के विभाग की बड़ी तैयारी

इस पूरे प्रोजेक्ट को लेकर धार्मिक मामलों के प्रमुख शेख डॉ. अब्दुल रहमान बिन अब्दुलअजीज अल-सुदैस (Sheikh Dr. Abdulrahman bin Abdulaziz Al-Sudais) ने अहम जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब हमेशा से इस्लाम और मुसलमानों की सेवा के लिए तत्पर रहता है। इस डिजिटल ट्रांसलेशन प्लेटफॉर्म के जरिए दुनिया के कोने-कोने में बैठे मुसलमानों तक इस्लाम के शांति और दया के संदेश को पहुंचाया जाएगा। इसके लिए आधुनिक तकनीकों और सोशल मीडिया चैनलों का पूरा इस्तेमाल किया जाएगा।

कौन सी भाषाओं में होगा ट्रांसलेशन और कौन देंगे खुतबा?

इस साल 1447 हिजरी का अराफात का खुतबा मस्जिद-ए-नबवी के इमाम और खतीब शेख डॉ. अली बिन अब्दुल रहमान अल-हुदैफी (Sheikh Dr. Ali bin Abdul Rahman Al-Hudhaifi) देंगे। इस खुतबे को दुनिया की 35 प्रमुख भाषाओं में ट्रांसलेट किया जाएगा। इन भाषाओं में प्रमुख रूप से हिंदी, उर्दू, अंग्रेजी, फ्रेंच, बंगाली, पंजाबी, तमिल, मलयालम, नेपाली, इंडोनेशियाई, तुर्की, फारसी, स्पेनिश, चीनी और रशियन शामिल हैं। यह सभी लाइव ब्रॉडकास्ट विभाग के डिजिटल प्लेटफॉर्म और संबंधित चैनलों के जरिए सीधे प्रसारित किए जाएंगे।

प्रवासियों और दुनिया भर के लोगों को कैसे होगा फायदा?

सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय, पाकिस्तानी, बांग्लादेशी प्रवासियों के साथ-साथ दुनिया भर के करोड़ों लोगों के लिए यह बड़ी खबर है। अक्सर भाषा की समझ न होने के कारण कई लोग अराफात के खुतबे के गहरे अर्थ को नहीं समझ पाते थे। अब अपनी मातृभाषा जैसे हिंदी, उर्दू या बंगाली में अनुवाद मिलने से लोग इसे सीधे अपने मोबाइल और टीवी पर लाइव सुन और समझ सकेंगे। विभाग ने इसके लिए अपनी तकनीकी और मीडिया टीमों को पूरी तरह से तैयार कर लिया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

इस साल 1447 हिजरी का अराफात का खुतबा कौन देगा?

इस साल अराफात का खुतबा मस्जिद-ए-नबवी के इमाम और खतीब शेख डॉ. अली बिन अब्दुल रहमान अल-हुदैफी देंगे।

अराफात का खुतबा कुल कितनी भाषाओं में ट्रांसलेट किया जाएगा?

यह खुतबा हिंदी, उर्दू, बंगाली, तमिल, पंजाबी और अंग्रेजी समेत कुल 35 प्रमुख भाषाओं में ट्रांसलेट किया जाएगा।

लोग इस ट्रांसलेटेड खुतबे को लाइव कहां सुन सकते हैं?

लोग इसे सऊदी अरब के धार्मिक मामलों के विभाग के आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म, मोबाइल ऐप और संबंधित लाइव ब्रॉडकास्ट चैनलों पर आसानी से सुन सकेंगे।