सऊदी अरब में धार्मिक मामलों के प्रेसीडेंसी ने इस साल हज के दौरान एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। हज 2026 के मुख्य पड़ाव यानी अराफात के खुतबे को दुनिया भर की 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में ट्रांसलेट करके प्रसारित किया गया। मस्जिद अल-हरम और मस्जिद अन-नबवी के धार्मिक मामलों के प्रेसीडेंसी के इस कदम से दुनिया भर के करीब एक अरब लोगों को सीधे अपनी भाषा में इस्लाम का संदेश सुनने का मौका मिला।

किन लोगों ने इस पूरे प्रोजेक्ट को संभाला और खुतबा किसने दिया?

इस बार हज 2026 का अराफात खुतबा मस्जिद अन-नबवी के इमाम और खतीब शेख अली बिन अब्दुल रहमान अल-हुदैफी ने दिया। इस पूरे ट्रांसलेशन प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी धार्मिक मामलों के प्रेसीडेंसी के प्रमुख शेख अब्दुल रहमान अल-सुदैस के हाथों में थी। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट का मकसद दुनिया भर के मुसलमानों तक इस्लाम के शांति और उदारता के संदेश को पहुंचाना था, जो अरबी भाषा नहीं समझ पाते हैं।

35 भाषाओं में अनुवाद करने के पीछे क्या था मुख्य उद्देश्य?

धार्मिक मामलों के प्रेसीडेंसी ने इस काम के लिए विशेष तकनीकी, मीडिया और ट्रांसलेशन टीमों को काम पर लगाया था। इस पहल के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • वैश्विक पहुंच: दुनिया भर के उन मुसलमानों तक पहुंच बनाना जो अरबी भाषा नहीं जानते हैं।
  • शांति का संदेश: इस्लाम के उदारवादी और मानवीय संदेश को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाना।
  • डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल: प्रेसीडेंसी के सभी आधिकारिक डिजिटल चैनलों पर इसका सीधा प्रसारण किया गया।
  • तकनीक का सहयोग: सऊदी सरकार ने हज यात्रियों और दुनिया भर के श्रोताओं के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया।

इस बार हज पर ट्रांसलेशन को लेकर क्यों चर्चा हो रही है?

यह हफ्ता सऊदी अरब के धार्मिक मामलों के विभाग के लिए बहुत व्यस्त रहा है। 26 मई 2026 को अराफात का खुतबा सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद विभाग ने ईद और जुम्मे के खुतबे को भी अलग-अलग भाषाओं में ट्रांसलेट करने का काम जारी रखा। इससे उन प्रवासियों और विदेशी तीर्थयात्रियों को बहुत मदद मिली जो हर साल हज और उमराह के लिए सऊदी अरब आते हैं और जिन्हें अरबी भाषा समझने में कठिनाई होती है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

हज 2026 का अराफात खुतबा किसने दिया?

हज 2026 का ऐतिहासिक अराफात खुतबा मस्जिद अन-नबवी के इमाम और खतीब शेख अली बिन अब्दुल रहमान अल-हुदैफी ने दिया था।

अराफात के खुतबे को कुल कितनी भाषाओं में ट्रांसलेट किया गया?

इस बार अराफात के खुतबे को कुल 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में ट्रांसलेट करके दुनिया भर के लगभग एक अरब लोगों तक सीधे प्रसारित किया गया।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com