सऊदी अरब के शहरों और गांवों की शक्ल अब बदलने वाली है. सरकार ने सऊदी आर्किटेक्चर डिजाइन गाइडलाइन्स के चौथे चरण की शुरुआत कर दी है. इसका मकसद देश की पुरानी पहचान को वापस लाना और शहरों की बनावट को और बेहतर बनाना है. यह काम 30 अप्रैल 2026 से शुरू हो गया है.

सऊदी आर्किटेक्चर मैप क्या है और इसे किसने शुरू किया

इस पूरे प्रोजेक्ट को सऊदी आर्किटेक्चर मैप कहा जाता है. इसकी शुरुआत मार्च 2025 में क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने की थी. वह इस प्रोजेक्ट की सुप्रीम कमेटी के चेयरमैन भी हैं. इसका मुख्य लक्ष्य विजन 2030 के तहत देश की शहरी पहचान को मजबूत करना और लोगों के जीवन स्तर को सुधारना है. इस मैप में कुल 19 अलग-अलग तरह के आर्किटेक्चर स्टाइल शामिल किए गए हैं, जो सऊदी की संस्कृति और वहां की जमीन के हिसाब से तैयार किए गए हैं.

किन शहरों में लागू होगा नया नियम और कौन से स्टाइल दिखेंगे

चौथा चरण 30 अप्रैल 2026 से शुरू हुआ है. इस बार इसमें रियाद, मक्का, उत्तरी सीमा (Northern Borders) और तबुक शहर शामिल हैं. इन इलाकों में घरों और दुकानों के डिजाइन के लिए खास स्टाइल तय किए गए हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • तिहामा फुटहिल्स: पहाड़ों की तलहटी वाला डिजाइन.
  • तबुक कोस्ट: समुद्र तटीय इलाकों के लिए खास बनावट.
  • बिशा डेजर्ट: रेगिस्तानी इलाकों के हिसाब से डिजाइन.
  • फरसान आइलैंड्स: द्वीपों के लिए तय किया गया स्टाइल.
  • मदीना कंट्रीसाइड: मदीना के ग्रामीण इलाकों के लिए.
  • असीर हाईलैंड्स: ऊंचे पहाड़ी इलाकों के लिए.
  • ईस्टर्न नजद: पूर्वी नजद का पारंपरिक डिजाइन.

डिजाइन को लागू करने में कौन कर रहा है मदद

इस काम को पूरा करने के लिए डेवलपमेंट अथॉरिटी, स्ट्रेटेजिक ऑफिस और क्षेत्रीय सचिवालय मिलकर काम कर रहे हैं. इसके साथ ही कुछ खास डिजाइन स्टूडियो भी बनाए गए हैं. ये स्टूडियो नक्शों की जांच करेंगे और यह पक्का करेंगे कि नई इमारतें सरकार द्वारा तय किए गए नियमों के हिसाब से ही बनें ताकि शहरों की खूबसूरती बनी रहे.

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी आर्किटेक्चर गाइडलाइन्स का चौथा चरण कब शुरू हुआ?

सऊदी अरब में रेजिडेंशियल और कमर्शियल डिजाइन गाइडलाइन्स का चौथा चरण 30 अप्रैल 2026 से शुरू किया गया है.

इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका उद्देश्य सऊदी अरब की राष्ट्रीय शहरी पहचान को बढ़ावा देना और विजन 2030 के लक्ष्यों के तहत शहरों के शहरी परिदृश्य को सुधारना है.