सऊदी अरब में एक हफ्ते के भीतर सुरक्षा बलों ने इकामा, लेबर और बॉर्डर कानूनों का उल्लंघन करने वाले 21,029 लोगों को गिरफ्तार किया है। गृह मंत्रालय ने जानकारी दी कि यह कार्रवाई 5 फरवरी से 11 फरवरी के बीच पूरे देश में चलाई गई। इस अभियान में अलग-अलग सरकारी एजेंसियों ने मिलकर काम किया है ताकि अवैध तरीके से रह रहे लोगों पर लगाम कसी जा सके।

नियम तोड़ने वालों पर क्या हुई कार्रवाई?

इस छापेमारी में इकामा यानी रेजिडेंसी कानून का उल्लंघन करने वाले 12,875 लोगों को पकड़ा गया। वहीं बॉर्डर सुरक्षा कानून तोड़ने के आरोप में 4,778 और लेबर कानून के उल्लंघन में 3,376 लोग पकड़े गए हैं। पकड़े गए लोगों में से 13,213 प्रवासियों को अब तक उनके देश वापस भेजा जा चुका है।

लगभग 16,121 लोगों को उनके दूतावासों के पास भेजा गया है ताकि वे अपने जरूरी कागजात तैयार करवा सकें। इसके अलावा 2,270 अन्य लोगों को अपनी यात्रा की टिकट और रिजर्वेशन पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सऊदी सुरक्षा बलों ने अवैध लोगों को रहने की जगह और गाड़ी देने के आरोप में 29 और लोगों को भी हिरासत में लिया है।

कानून तोड़ने पर कितनी सजा और जुर्माना है?

सऊदी सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि अवैध घुसपैठ में मदद करने वालों को 15 साल तक की जेल हो सकती है। ऐसे लोगों पर 10 लाख रियाल तक का भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है। अगर कोई किसी अवैध प्रवासी को रहने की जगह या आने-जाने के लिए गाड़ी देता है, तो वे गाड़ियां और प्रॉपर्टी भी जब्त की जा सकती हैं।

फिलहाल 23,312 प्रवासियों पर कानूनी कार्यवाही चल रही है, जिसमें 1,272 महिलाएं शामिल हैं। सऊदी में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने इकामा और काम के परमिट को हमेशा सही रखें। किसी भी दूसरे व्यक्ति को अपने काम के अलावा कोई और काम करने या रखने की इजाजत नहीं है और ऐसा करना आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकता है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.