सऊदी अरब के गृह मंत्रालय (Ministry of Interior) ने देश में गैरकानूनी रूप से रह रहे प्रवासियों की मदद करने वालों पर बड़ी कार्रवाई की है। मंत्रालय ने ऐसे 13 लोगों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने रेजीडेंसी और लेबर नियमों का उल्लंघन करने वालों को रहने की जगह दी और उन्हें गाड़ी से एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया। इन लोगों को अब भारी जुर्माना और जेल की सजा का सामना करना पड़ेगा। सऊदी सरकार ने साफ कर दिया है कि प्रवासियों से जुड़े नियमों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
सऊदी अरब में अवैध प्रवासियों की मदद करने पर क्या मिलेगी सजा?
गृह मंत्रालय के अनुसार, अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों को काम देना, उन्हें छिपाना या गाड़ी से सफर कराना एक गंभीर अपराध माना गया है। इस अपराध में पकड़े जाने पर निम्नलिखित सख्त सजाएं दी जाएंगी:
- दोषी पाए जाने पर 15 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।
- दोषी व्यक्ति पर 10 लाख सऊदी रियाल तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
- अपराध में इस्तेमाल की गई गाड़ियों और घरों को जब्त कर लिया जाएगा जिनका इस्तेमाल अवैध प्रवासियों को रखने में हुआ था।
- आरोपियों के नाम स्थानीय मीडिया में उनके अपने खर्च पर सार्वजनिक किए जाएंगे।
- अगर आरोपी कोई विदेशी प्रवासी है, तो सजा काटने के बाद उसे देश से बाहर निकाल दिया जाएगा और दोबारा सऊदी में आने पर रोक लगा दी जाएगी।
लगातार चल रहा है धरपकड़ अभियान, गृह मंत्रालय की लोगों से अपील
सऊदी अरब की सुरक्षा एजेंसियां देश भर में लगातार चेकिंग अभियान चला रही हैं। हाल ही में मई महीने के दौरान अलग-अलग हफ्तों में हजारों अवैध प्रवासियों और उनकी मदद करने वालों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों ने आम जनता और वहां रह रहे प्रवासियों से अपील की है कि वे किसी भी गैरकानूनी गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें। मक्का, रियाद और पूर्वी प्रांत के लोग इसकी सूचना 911 पर दे सकते हैं, जबकि अन्य क्षेत्रों के लोग 999 या 996 पर कॉल करके रिपोर्ट दर्ज करा सकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब में अवैध प्रवासियों को छुपाने या मदद करने पर कितना जुर्माना है?
अवैध प्रवासियों को छुपाने, काम देने या परिवहन की सुविधा देने पर 10 लाख सऊदी रियाल तक का जुर्माना और गाड़ी व घर जब्त करने का नियम है।
इस अपराध के लिए कितने साल की जेल हो सकती है?
सऊदी गृह मंत्रालय के नियमों के अनुसार, इस अपराध के लिए दोषी को अधिकतम 15 साल तक की जेल की सजा हो सकती है।