सऊदी अरब के आंतरिक मंत्रालय (Ministry of Interior) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने उन प्रवासियों की मदद की थी जिन्होंने वहां के इकामत और लेबर कानूनों का उल्लंघन किया था। सरकार ने साफ कर दिया है कि नियमों को तोड़ने वालों और उनकी मदद करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यह खबर उन सभी प्रवासियों के लिए चेतावनी है जो कानून के खिलाफ जाकर दूसरों को शरण देते हैं।

ℹ️: ईरान ने अमेरिका की जनता को याद दिलाया उनका ‘कर्तव्य’, बोला अपनी सरकार से पूछें क्यों शुरू किया यह युद्ध

दोषियों को मिलने वाली कड़ी सजाएं

मंत्रालय ने बताया है कि जो लोग गैरकानूनी प्रवासियों को रहने की जगह देते हैं या उन्हें एक जगह से दूसरी जगह ले जाने में मदद करते हैं, उन्हें बहुत सख्त सजा मिलेगी। पकड़े गए 14 लोगों पर ये कार्रवाई होगी:

  • जेल की सजा: दोषियों को 15 साल तक की कैद हो सकती है।
  • भारी जुर्माना: 10 लाख (एक मिलियन) सऊदी रियाल तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है।
  • नाम का खुलासा: दोषियों के नाम सार्वजनिक किए जाएंगे ताकि दूसरे लोग ऐसा न करें।
  • संपत्ति की जब्ती: जिस गाड़ी या घर का इस्तेमाल प्रवासियों को छिपाने के लिए किया गया, उसे सरकार जब्त कर लेगी।

शिकायत करने के लिए सरकार ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर

सऊदी सरकार और जनरल सिक्योरिटी (General Security) लगातार ऐसे अभियान चला रही है ताकि देश में सुरक्षा बनी रहे। अगर किसी को ऐसे किसी उल्लंघन की जानकारी मिलती है, तो वे इन नंबरों पर फोन कर सकते हैं:

  • मक्का, रियाद और पूर्वी क्षेत्र: 911 पर कॉल करें।
  • अन्य शहर: 999 या 996 पर कॉल करें।

सऊदी अरब में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे केवल कानूनी तौर पर काम करने वाले लोगों की ही मदद करें। किसी भी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल होना आपकी नौकरी और वीज़ा के लिए खतरा बन सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब में इकामत नियमों का उल्लंघन करने वालों की मदद करने पर क्या सजा है?

इसमें 15 साल तक की जेल, 10 लाख रियाल तक का जुर्माना, नाम का खुलासा और इस्तेमाल किए गए घर या गाड़ी की जब्ती शामिल है।

नियमों के उल्लंघन की रिपोर्ट किस नंबर पर करें?

मक्का, रियाद और पूर्वी क्षेत्र के लोग 911 पर और अन्य क्षेत्रों के लोग 999 या 996 पर कॉल करके सूचना दे सकते हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.