सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने नियमों का पालन न करने वाले प्रवासियों के खिलाफ अपनी सख्ती जारी रखी है। 9 जुलाई से 15 जुलाई 2026 के बीच चलाए गए विशेष अभियान में कुल 15,836 लोगों को पकड़ा गया है। ये गिरफ्तारियां रेजिडेंसी, श्रम और सीमा सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के कारण की गई हैं।

गिरफ्तारियों का पूरा विवरण

पकड़े गए लोगों में सबसे बड़ी संख्या रेजिडेंसी नियमों का उल्लंघन करने वालों की है। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान निम्नलिखित कार्रवाई हुई:

  • 7,892 लोग रेजिडेंसी कानून तोड़ने के दोषी पाए गए।
  • 4,617 लोग बॉर्डर सुरक्षा नियमों का पालन नहीं कर रहे थे।
  • 3,327 लोग लेबर यानी श्रम कानूनों का उल्लंघन करते हुए पाए गए।
  • 1,631 लोग अवैध रूप से सऊदी अरब में घुसने की कोशिश कर रहे थे।

इससे पिछले हफ्ते यानी 2 जुलाई से 8 जुलाई 2026 के बीच भी 15,430 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। 11 जुलाई 2026 तक करीब 29,286 प्रवासियों पर कानूनी प्रक्रिया चल रही थी, जिनमें से 11,800 लोगों को उनके देश वापस भेजा जा चुका है।

जुर्माना और सख्त सजा

सऊदी मंत्रालय ने फिर से साफ किया है कि वीजा नियमों को हल्के में न लें। वीजा की अवधि खत्म होने के बाद रुकने पर 50,000 रियाल तक का जुर्माना, 6 महीने की जेल और देश से बाहर निकालने की सजा हो सकती है। इसके अलावा, अवैध रूप से काम करने वालों को पनाह देने या मदद करने वालों को 15 साल तक की जेल और 10 लाख रियाल तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।

नौकरी और परमिट से जुड़ी नई जानकारी

सऊदी प्रशासन ने उन कंपनियों को राहत दी है जिनके विदेशी कर्मचारियों के कागजात एक्सपायर हो गए हैं। ऐसी कंपनियां अब दिसंबर 2026 तक अपने कर्मचारियों के वर्क परमिट को ठीक कर सकती हैं। साथ ही, जून 2026 से प्रीमियम रेजिडेंसी रखने वालों के लिए अब Qiwa डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए वर्क परमिट लेना अनिवार्य कर दिया गया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.