सऊदी अरब के आंतरिक मंत्रालय (Ministry of Interior) ने पूरे किंगडम में सुरक्षा अभियानों (Joint field campaigns) के तहत बड़ी कार्रवाई की है। एक ही हफ्ते के अंदर लगभग 18,200 प्रवासियों को अलग-अलग नियमों के उल्लंघन में गिरफ्तार किया गया है। इसमें इकामा (Residency), लेबर लॉ और बॉर्डर सिक्योरिटी के नियम तोड़ने वाले शामिल हैं। सुरक्षा बलों द्वारा यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है ताकि देश में अवैध रूप से रह रहे लोगों को पकड़ा जा सके।

किन लोगों को किया गया है गिरफ्तार?

आंकड़ों के मुताबिक, इन गिरफ्तारियों में सबसे ज्यादा संख्या उन लोगों की है जिनके पास रहने का वैध दस्तावेज या इकामा नहीं था। इसके अलावा बॉर्डर सिक्योरिटी नियमों का उल्लंघन करने वाले और लेबर कानूनों को न मानने वाले लोग भी शामिल हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा अभियान जारी रहेंगे और नियम तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।

नियम तोड़ने वालों को क्या सजा मिलेगी?

गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इनमें से कई लोगों को उनके देशों के राजनयिक मिशनों (Diplomatic missions) के पास भेजा गया है ताकि उनके यात्रा दस्तावेज तैयार किए जा सकें और उन्हें डिपोर्ट (Deport) किया जा सके।

उल्लंघन का प्रकार संभावित कार्रवाई
रेजिडेंसी (इकमा) नियम जुर्माना और डिपोर्टेशन
बॉर्डर सिक्योरिटी जेल और देश से निष्कासन
लेबर लॉ वीज़ा रद्द और जुर्माना

अगर किसी ने मदद की तो क्या होगा?

मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति घुसपैठियों या अवैध निवासियों की मदद करेगा, उसे भी नहीं बख्शा जाएगा। मदद करने वालों में ट्रांसपोर्ट देने वाले, रहने की जगह देने वाले या नौकरी देने वाले शामिल हैं। ऐसे लोगों के लिए सख्त सजा तय की गई है:

  • 15 साल तक की जेल की सजा।
  • 10 लाख रियाल (लगभग 2 करोड़ रुपये) तक का जुर्माना।
  • मदद में इस्तेमाल की गई गाड़ी या घर को जब्त किया जा सकता है।

शिकायत कहाँ और कैसे करें?

आम जनता से अपील की गई है कि अगर उन्हें अपने आसपास कोई भी उल्लंघनकर्ता दिखे तो वे तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को सूचित करें। मक्का, रियाद और पूर्वी प्रांत (Eastern Province) के लोग 911 पर कॉल कर सकते हैं। वहीं किंगडम के बाकी हिस्सों में रहने वाले लोग 999 या 996 पर संपर्क कर सकते हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.