सऊदी अरब के गृह मंत्रालय ने अवैध प्रवासियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाकर पिछले एक हफ्ते के अंदर 19,077 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 19 फरवरी से 25 फरवरी 2026 के बीच देशभर में की गई है। पकड़े गए लोगों में रेजिडेंसी, लेबर और बॉर्डर सुरक्षा कानूनों का उल्लंघन करने वाले शामिल हैं। सऊदी सरकार की इस सख्ती का सीधा असर उन लोगों पर पड़ रहा है जो बिना वैध दस्तावेजों के किंगडम में रह रहे हैं या काम कर रहे हैं।

गिरफ्तारी और कार्रवाई के मुख्य आंकड़े

सऊदी सुरक्षा बलों ने विभिन्न सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर यह संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान पकड़े गए लोगों का विवरण और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई नीचे दी गई तालिका में देखी जा सकती है:

उल्लंघन का प्रकार/कार्रवाई संख्या
कुल गिरफ्तारियां 19,077
रेजिडेंसी कानून उल्लंघन (Iqama) 13,215
बॉर्डर सुरक्षा कानून उल्लंघन 3,396
लेबर लॉ उल्लंघन 2,466
अपने देश वापस भेजे गए (Deported) 11,040
डिप्लोमैटिक मिशन को भेजे गए 14,982

इसके अलावा अधिकारियों ने 10 ऐसे लोगों को भी पकड़ा है जो इन अवैध प्रवासियों को रहने की जगह, परिवहन या नौकरी मुहैया करा रहे थे। सऊदी में वर्तमान में 20,712 लोग कानूनी प्रक्रियाओं से गुजर रहे हैं जिनमें 1,408 महिलाएं भी शामिल हैं।

नियम उल्लंघन पर भारी जुर्माना और जेल

सऊदी अरब के गृह मंत्रालय और मानव संसाधन मंत्रालय ने नियमों को और कड़ा कर दिया है। अगर कोई व्यक्ति किसी अवैध प्रवासी को छिपाने, उसे काम देने या यात्रा में मदद करने का दोषी पाया जाता है, तो उसे 15 साल तक की जेल हो सकती है। इसके साथ ही उन पर 10 लाख रियाल (करीब 2.2 करोड़ रुपये) तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

  • बिना परमिट काम: बिना वर्क परमिट के विदेशी कामगारों को रखने पर 10,000 रियाल का जुर्माना है।
  • पासपोर्ट रखना: अगर कोई कफील या कंपनी वर्कर का पासपोर्ट या इकामा अपने पास रखती है, तो प्रति वर्कर 3,000 रियाल जुर्माना देना होगा।
  • वीज़ा ओवरस्टे: विजिट वीज़ा पर आए लोगों के रुकने की जानकारी न देने पर स्पॉन्सर को 50,000 रियाल तक जुर्माना और जेल हो सकती है।
  • ऑनलाइन कॉन्ट्रैक्ट: एम्प्लॉयमेंट कॉन्ट्रैक्ट को Musaned जैसे पोर्टल पर रजिस्टर न करने पर 1,000 रियाल का जुर्माना तय किया गया है।

प्रवासियों के लिए जरूरी जानकारी और रिपोर्टिंग

सऊदी अरब में काम कर रहे भारतीय और अन्य प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने इकामा और वर्क परमिट को हमेशा अपडेट रखें। सरकार अब AI आधारित स्मार्ट ट्रैक सिस्टम का इस्तेमाल कर रही है जिससे पुराने उल्लंघन करने वालों की पहचान आसान हो गई है। अगर किसी को अवैध गतिविधियों की जानकारी मिलती है, तो वे मक्का और रियाद में 911 पर और बाकी शहरों में 999 या 996 पर कॉल कर सकते हैं। सरकार का लक्ष्य श्रम बाजार को व्यवस्थित करना और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाना है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com