सऊदी अरब में अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों के खिलाफ सरकार ने बहुत सख्त कदम उठाए हैं। Ministry of Interior (MOI) ने एक ही हफ्ते में हजारों लोगों को पकड़ा और कई को वापस उनके देश भेज दिया। यह कार्रवाई उन सभी प्रवासियों के लिए चेतावनी है जो नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, जिनमें भारत से गए लोग भी शामिल हैं।

सऊदी सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि देश में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह अभियान चलाया गया। इसमें मुख्य रूप से उन लोगों को निशाना बनाया गया जिन्होंने इकामा (Residency), लेबर लॉ और बॉर्डर सुरक्षा के नियमों को तोड़ा।

पिछले तीन हफ्तों का पूरा ब्योरा

मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों में गिरफ्तारियों और डिपोर्टेशन की संख्या काफी अधिक रही है।

तारीख (2026) कुल गिरफ्तार कुल डिपोर्ट (देश से बाहर) कानूनी प्रक्रिया में लोग
18 जून – 24 जून 15,231 11,297 16,369
11 जून – 17 जून 15,288 10,458 23,587
4 जून – 10 जून 10,725 7,989 22,026

किस तरह के नियम टूटे

सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां इकामा यानी रेजिडेंसी नियमों के उल्लंघन में हुईं। इसके बाद बॉर्डर सुरक्षा और लेबर नियमों को तोड़ने वालों की बारी आई। जांच में यह बात सामने आई कि अवैध तरीके से सऊदी अरब में घुसने की कोशिश करने वालों में इथियोपिया और यमन के नागरिकों की संख्या सबसे ज्यादा थी। उदाहरण के लिए, 18 से 24 जून के बीच पकड़े गए लोगों में 55% इथियोपियाई और 44% यमन के नागरिक थे।

मदद करने वालों के लिए सख्त सजा

Ministry of Interior ने उन लोगों को भी चेतावनी दी है जो अवैध प्रवासियों को पनाह देते हैं या उन्हें नौकरी और ट्रांसपोर्ट मुहैया कराते हैं। ऐसे मददगारों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी, जिसमें ये सजाएं मिल सकती हैं:

  • 15 साल तक की जेल
  • 10 लाख रियाल (लगभग 2.66 लाख डॉलर) तक का जुर्माना
  • गाड़ियां और मकान जब्त करना जो अवैध लोगों को रखने में इस्तेमाल हुए हों

फिलहाल, जिन प्रवासियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई चल रही है, उन्हें उनके दूतावास के जरिए ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स दिलाने और वापस भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। सरकार ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी उल्लंघन की जानकारी मक्का, रियाद और पूर्वी प्रांत में 911 पर, और बाकी इलाकों में 999 या 996 पर कॉल करके दें।