सऊदी अरब सरकार ने लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। कॉमर्स मिनिस्ट्री ने एस्बेस्टस (Asbestos) की बिक्री और व्यापार पर पूरी तरह रोक लगा दी है। अब इस खतरनाक सामान को देश से पूरी तरह खत्म करने की तैयारी शुरू हो गई है।

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16 जून 2026 को कॉमर्स मिनिस्ट्री ने एक जरूरी आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि सभी कंपनियां, इम्पोर्टर्स और दुकानें तुरंत एस्बेस्टस वाले सामान की बिक्री बंद करें। जिन दुकानों या कंपनियों के पास यह सामान स्टॉक में है, उन्हें इसकी पूरी जानकारी मिनिस्ट्री के केमिकल क्लीयरेंस डिपार्टमेंट को देनी होगी। इसके बाद सरकार इसे सुरक्षित तरीके से नष्ट करने का काम करेगी।

यह कदम एनवायरमेंट, वाटर एंड एग्रीकल्चर मिनिस्ट्री की एक बड़ी योजना का हिस्सा है। सरकार चाहती है कि देश में कहीं भी यह खतरनाक मटेरियल न रहे। इससे पहले फरवरी 2026 में काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने एक परमानेंट कमेटी बनाई थी, जिसका काम इस बैन की निगरानी करना और पुराने घरों से एस्बेस्टस को सुरक्षित तरीके से हटाना है।

सऊदी अरब ने एस्बेस्टस पर पहले भी 1998 और 2001 में रोक लगाई थी, लेकिन अब सरकार इसे पूरी तरह से साफ करने की मुहिम चला रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि एस्बेस्टस के बारीक रेशे फेफड़ों में 20 से 50 साल तक रह सकते हैं, जिससे कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियां हो सकती हैं।

डॉ. फहद अल-खोदाइरी ने बताया कि यह मटेरियल तब ज़्यादा खतरनाक होता है जब इसे तोड़ा या रगड़ा जाता है, क्योंकि तब इसके बारीक कण हवा में फैल जाते हैं और सांस के ज़रिए शरीर में चले जाते हैं।

सरकार ने सुझाव दिया है कि लोग अब इसके सुरक्षित विकल्पों का इस्तेमाल करें, जैसे कि रॉक वूल, ग्लास वूल या फोम। पुरानी इमारतों को गिराते समय खास सावधानी बरतने को कहा गया है ताकि ज़हरीले कण आसपास के इलाकों में न फैलें।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.