मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को देखते हुए सऊदी अरब ने अब शांति की पहल की है। सऊदी सरकार चाहती है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे झगड़े को बातचीत से सुलझाया जाए। इसके लिए सऊदी अरब ने पाकिस्तान की मध्यस्थता और कूटनीतिक कोशिशों का पूरा समर्थन किया है ताकि पूरे इलाके को अस्थिरता और असुरक्षा से बचाया जा सके।
Hormuz Strait में जहाजों की आवाजाही को लेकर क्या है सऊदी का कहना?
सऊदी काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स ने जेद्दा में हुई बैठक में यह साफ किया कि Strait of Hormuz में जहाजों का आना-जाना वैसा ही होना चाहिए जैसा 28 फरवरी से पहले था। इस समुद्री रास्ते का खुला रहना अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बहुत जरूरी है। इस बीच कुछ अहम बातें सामने आई हैं:
- अमेरिका की पहल: अमेरिका ने कमर्शियल जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए Project Freedom शुरू किया है।
- UAE पर हमला: 4 मई 2026 को UAE के फुजैराह में एक एनर्जी हब पर ड्रोन और मिसाइल हमले हुए, जिसके लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया गया है।
- ईरान का दावा: ईरान की IRGC ने Strait of Hormuz का एक नया मैप जारी कर अपने नियंत्रण क्षेत्र को बढ़ाने का दावा किया है।
पाकिस्तान की मध्यस्थता और ‘इस्लामाबाद टॉक्स’ का क्या असर होगा?
पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच सुलह कराने के लिए एक अहम कड़ी बना हुआ है। सऊदी अरब ने पाकिस्तान द्वारा किए जा रहे इन प्रयासों का खुलकर समर्थन किया है। इस प्रक्रिया से जुड़ी मुख्य जानकारियां इस प्रकार हैं:
- सीजफायर: पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल से सीजफायर लागू है।
- इस्लामाबाद टॉक्स: 10 और 11 अप्रैल को इस्लामाबाद में अहम बातचीत हुई थी।
- अधिकारियों का बयान: पाकिस्तान के डिप्टी प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ईशाक डार ने उम्मीद जताई है कि ये बातचीत अब अंतिम चरण में है और जल्द ही कोई नतीजा निकलेगा।
क्षेत्रीय स्थिरता के लिए सऊदी अरब के क्या कदम हैं?
क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में क्षेत्रीय शांति पर जोर दिया गया। सऊदी विदेश मंत्रालय ने सैन्य तनाव को कम करने और संयम बरतने की अपील की है। साथ ही, सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान ने इस मुद्दे पर जॉर्डन के विदेश मंत्री अयमान सफादी के साथ भी चर्चा की है। सऊदी अरब का मानना है कि केवल राजनीतिक समाधान ही इस क्षेत्र को भविष्य की बड़ी मुश्किलों से बचा सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब ने पाकिस्तान की मध्यस्थता का समर्थन क्यों किया?
सऊदी अरब चाहता है कि अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को बातचीत के जरिए खत्म किया जाए ताकि मिडिल ईस्ट में स्थिरता बनी रहे और युद्ध जैसी स्थिति न आए।
Strait of Hormuz को लेकर विवाद क्या है?
28 फरवरी के बाद से इस समुद्री रास्ते में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। सऊदी अरब चाहता है कि इसे फिर से सुरक्षित और खुला किया जाए ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार बिना किसी रुकावट के चलता रहे।