सऊदी अरब में अब दान देने का तरीका पूरी तरह बदल गया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि कोई भी लाइसेंस वाली संस्था अब नकद यानी कैश में डोनेशन नहीं ले पाएगी। अब सारा लेनदेन सिर्फ सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त इलेक्ट्रॉनिक चैनलों के जरिए ही करना होगा। इस नए नियम से डोनेशन के काम में पारदर्शिता आएगी।

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नकद दान पर पाबंदी, अब सिर्फ ऑनलाइन चलेगा पैसा

सऊदी सरकार ने दान जुटाने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब किसी भी लाइसेंस प्राप्त संस्था को कैश में चंदा इकट्ठा करने की अनुमति नहीं होगी। सभी डोनेशन सिर्फ डिजिटल और आधिकारिक इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से ही लिए जाएंगे। यह नियम सऊदी कैबिनेट द्वारा 6 मई 2026 को मंजूर किए गए कार्यकारी नियमों के तहत लागू किया गया है।

पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लिया गया फैसला

इस कदम का मुख्य मकसद डोनेशन के काम में पारदर्शिता और बेहतर निगरानी लाना है। इससे यह पता रहेगा कि पैसा कहाँ से आया और उसका इस्तेमाल कहाँ हुआ। National Centre for the Non-Profit Sector (NCNPS) ने भी इस दिशा में काम किया है। पहले यह नियम था कि कैश डोनेशन सिर्फ संस्था के हेडक्वार्टर या ब्रांच में ही लिया जा सकता था, वह भी डोनर की पूरी जानकारी दर्ज करने के बाद, लेकिन अब इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों पर जोर दिया गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या सऊदी अरब में अब कैश डोनेशन देना मना है

हाँ, सऊदी अरब में लाइसेंस प्राप्त संस्थाओं के लिए नकद दान लेना प्रतिबंधित कर दिया गया है। अब सभी डोनेशन केवल आधिकारिक इलेक्ट्रॉनिक चैनलों के जरिए ही लिए जाएंगे।

यह नया नियम कब से लागू हुआ

इस नियम के लिए कार्यकारी नियमों को सऊदी कैबिनेट ने 6 मई 2026 को मंजूरी दी थी और आधिकारिक जानकारी 19 मई 2026 को साझा की गई।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.