Saudi Arabia ने ईरान पर क्षेत्र में लगातार बढ़ती आक्रामकता का आरोप लगाया है। 14 जुलाई 2026 को सऊदी विदेश मंत्रालय ने एक सख्त बयान जारी करते हुए ईरान से अपनी हरकतों को तुरंत रोकने की मांग की है। मंत्रालय ने साफ कहा कि ईरान की नीतियां अंतरराष्ट्रीय कानून और UN Charter का उल्लंघन करती हैं और इससे पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा खतरे में है।
हमलों का बढ़ता दायरा
सऊदी अरब ने उन हमलों की सूची साझा की है जिनमें ईरान का हाथ बताया गया है। इसमें Kuwait की सीमा चौकियों और तेल प्लेटफॉर्म के अलावा, Basra स्थित कुवैती वाणिज्य दूतावास पर हमला शामिल है। इसके साथ ही Strait of Hormuz में UAE के दो तेल टैंकरों पर हुए हमले और जॉर्डन, बहरीन व कतर को दी गई धमकियों पर भी सऊदी ने कड़ा रुख अपनाया है।
क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा
इस समय पूरे मध्य पूर्व में तनाव का माहौल बना हुआ है। Yemen के Houthi विद्रोहियों ने Abha International Airport पर ड्रोन और मिसाइल से हमला किया है। दूसरी तरफ, USA ने सऊदी अरब की सुरक्षा के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए लगातार तीसरे दिन ईरानी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की है। जॉर्डन में भी ईरान समर्थित मिसाइल हमले देखे गए, जिन्हें जॉर्डन के सुरक्षा बलों ने बीच रास्ते में ही रोक दिया। UN Security Council ने एक आपातकालीन बैठक में Resolution 2826 पारित किया है, जिसमें ईरान द्वारा हूतियों को समर्थन देने की निंदा की गई है।
