सऊदी अरब ने दुनिया के ताकतवर देशों के समूह BRICS से क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए साथ आने की अपील की है। नई दिल्ली में हुई बैठक के दौरान सऊदी के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर Waleed El Khereiji ने साफ कहा कि इस समय सभी पक्षों के बीच बातचीत होना बहुत ज़रूरी है। उन्होंने बताया कि खाड़ी देशों और जॉर्डन पर हाल ही में हुए हमलों ने सऊदी अरब की चिंता बढ़ा दी है।

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सऊदी अरब ने BRICS देशों से क्या मांग की?

डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर Waleed El Khereiji ने BRICS सदस्य देशों से अपील की है कि वे क्षेत्र में स्थिरता लाने के प्रयासों का समर्थन करें। उन्होंने सभी देशों से तनाव कम करने और संयम बरतने को कहा है। सऊदी अरब ने इस बात पर ज़ोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन किया जाए और ऐसी किसी भी हरकत से बचा जाए जिससे इलाके में तनाव और ज़्यादा बढ़ सके।

दुनिया की अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा?

सऊदी अरब ने चेतावनी दी है कि अरब खाड़ी और Red Sea की सुरक्षा सिर्फ एक इलाके का मामला नहीं है, बल्कि यह पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए एक मुख्य आधार है। अगर इस क्षेत्र की सुरक्षा में कोई भी रुकावट आती है, तो इसका सीधा और बुरा असर ग्लोबल एनर्जी मार्केट (तेल और गैस) और महंगाई दरों पर पड़ेगा। इससे पूरी दुनिया की आर्थिक ग्रोथ और टिकाऊ विकास के कामों में बाधा आ सकती है।

टेक्नोलॉजी और डिजिटल बदलाव पर क्या चर्चा हुई?

बैठक में तेज़ी से बदलते डिजिटल दौर और आर्थिक बदलावों पर भी बात हुई। सऊदी अरब ने कहा कि आज के समय में देशों को डिजिटल बदलाव के साथ चलना होगा, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के मामले में। उन्होंने मांग की कि डिजिटल टेक्नोलॉजी तक सबकी बराबर पहुँच होनी चाहिए ताकि दुनिया का विकास संतुलित और टिकाऊ तरीके से हो सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

BRICS की यह बैठक कहाँ और कब हुई?

यह महत्वपूर्ण बैठक 14 मई 2026 को भारत की राजधानी नई दिल्ली में आयोजित की गई थी।

सऊदी अरब ने किन क्षेत्रों की सुरक्षा पर चिंता जताई है?

सऊदी अरब ने खाड़ी देशों और जॉर्डन पर हुए हालिया हमलों के साथ-साथ Red Sea की स्थिरता पर गहरी चिंता व्यक्त की है।