Saudi Arabia और Britain ने मिलकर एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। दोनों देशों ने London में एक समझौते पर साइन किए हैं ताकि Gaza Strip में युद्ध की वजह से घायल हुए बच्चों की मदद की जा सके। इस पहल के जरिए बच्चों को इमरजेंसी सर्जरी और बेहतर इलाज दिया जाएगा। यह पूरा मामला Global Partnerships Conference 2026 के दौरान सामने आया है।

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सऊदी अरब और ब्रिटेन के बीच क्या हुआ समझौता?

Tuesday, May 20, 2026 को London में एक खास मीटिंग हुई। इसमें Saudi Arabia के King Salman Humanitarian Aid and Relief Center (KSrelief) के डॉ. अब्दुल्ला अल-रबीआ और Britain की इंटरनेशनल डेवलपमेंट मिनिस्टर Jenny Chapman ने एक जॉइंट डिक्लेरेशन पर साइन किए। इस समझौते का मकसद उन बच्चों को बचाना और उनका इलाज करना है जो मिलिट्री हमले में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दोनों देश मिलकर मेडिकल केयर और सर्जरी की सुविधा देंगे।

इस प्रोजेक्ट से बच्चों को क्या फायदा मिलेगा?

इस समझौते के तहत “Caring for Blast-Injured Children in Gaza” नाम से एक प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। इसके मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:

  • 1,000 से ज्यादा बच्चों की मदद: इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य 1,000 से अधिक उन बच्चों का इलाज करना है जिनके हाथ या पैर कट गए हैं।
  • नकली अंग की सुविधा: जिन बच्चों को एम्प्युटेशन का सामना करना पड़ा, उन्हें आधुनिक प्रोस्थेटिक लिम्ब (नकली अंग) लगाए जाएंगे।
  • हेल्थ सिस्टम में सुधार: गाजा के लगभग 90% अस्पताल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, इसलिए वहां के बुनियादी ढांचे और इन्फेक्शन कंट्रोल सिस्टम को बेहतर बनाया जाएगा।
  • डॉक्टरों की ट्रेनिंग: Imperial College London मेडिकल स्टाफ को ट्रेनिंग देगा ताकि वे घायल बच्चों का सही तरीके से इलाज कर सकें।

बड़े अधिकारियों ने इस मदद पर क्या कहा?

KSrelief के डॉ. अब्दुल्ला अल-रबीआ ने बताया कि यह प्रोजेक्ट फिलिस्तीनी लोगों को फिर से सम्मान और उम्मीद देने की सऊदी अरब की कोशिश का हिस्सा है। ब्रिटेन की मिनिस्टर Jenny Chapman ने कहा कि गाजा में हेल्थ सिस्टम की हालत बहुत खराब है और हज़ारों बच्चे ऐसी चोटों के साथ जी रहे हैं जिन्हें ठीक करना बहुत जरूरी है। Imperial College London के प्रोफेसर एंथनी बुल और Community Jameel के जॉर्ज रिचर्ड्स ने भी इस साझेदारी को बच्चों के लिए एक नई उम्मीद बताया है। इस काम में UK-Med और Mérieux Foundation जैसे संगठन भी साथी के तौर पर जुड़े हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब और ब्रिटेन का यह समझौता कब और कहाँ हुआ?

यह समझौता Tuesday, May 20, 2026 को London में आयोजित Global Partnerships Conference 2026 के दौरान हुआ।

इस प्रोजेक्ट में कौन-कौन सी संस्थाएं मदद कर रही हैं?

इसमें KSrelief, UK FCDO, Imperial College London, Community Jameel, UK-Med और Mérieux Foundation जैसे संगठन शामिल हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.