सऊदी अरब के Ministry of Finance ने साल 2026 की पहली तिमाही (Q1) की बजट रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक सरकार को 125.7 अरब रियाल का घाटा हुआ है। तेल से होने वाली कमाई में कमी और सरकारी खर्चों में भारी बढ़ोतरी इसकी मुख्य वजह रही।
सऊदी अरब के बजट और खर्चों का पूरा ब्यौरा
सरकार द्वारा जारी रिपोर्ट में बताया गया है कि इस तिमाही में कुल खर्च बहुत बढ़ गए हैं। सरकारी कामकाज और बड़े प्रोजेक्ट्स पर ज्यादा पैसा खर्च होने की वजह से यह बढ़ोतरी हुई है। पूरी जानकारी नीचे टेबल में दी गई है:
| विवरण | राशि / प्रतिशत |
|---|---|
| कुल बजट घाटा (Budget Deficit) | 125.7 अरब रियाल |
| कुल राजस्व (Total Revenues) | 260.97 अरब रियाल |
| तेल से कमाई (Oil Income) | 144.72 अरब रियाल (3% की गिरावट) |
| गैर-तेल राजस्व (Non-oil Revenues) | 116.25 अरब रियाल (2% की बढ़ोतरी) |
| टैक्स से कमाई (Goods and Services Tax) | 74.93 अरब रियाल |
| कुल सरकारी खर्च (Expenditures) | 386.69 अरब रियाल (20% की बढ़ोतरी) |
कमाई और खर्चों में क्या बदलाव आए
सऊदी अरब की कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा तेल से आता है, लेकिन इस बार इसमें 3 प्रतिशत की कमी देखी गई। दूसरी तरफ, गैर-तेल राजस्व में 2 प्रतिशत का सुधार हुआ है। इसमें सबसे ज्यादा योगदान सामान और सेवाओं पर लगने वाले टैक्स का रहा।
सरकारी खर्चों की बात करें तो यह पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 20 प्रतिशत तक बढ़ गए। सरकार ने सरकारी ऑपरेशंस और कैपिटल प्रोजेक्ट्स पर ज्यादा पैसा लगाया है, जिससे बजट का संतुलन बिगड़ा और घाटा बढ़ा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब को पहली तिमाही में कितना घाटा हुआ?
Ministry of Finance की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही में सऊदी अरब को 125.7 अरब रियाल का बजट घाटा हुआ है।
सऊदी सरकार के खर्चों में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
सरकार के कुल खर्च बढ़कर 386.69 अरब रियाल हो गए हैं, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 20 प्रतिशत ज्यादा हैं।