सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था पर ईरान की हरकतों का बहुत बुरा असर पड़ा है। Strait of Hormuz के बंद होने से तेल की बिक्री कम हुई और सऊदी सरकार के बजट में भारी कमी आई है। इस तनाव की वजह से पूरे Gulf क्षेत्र में डर का माहौल है और अमेरिका ने भी इस मामले में दखल दिया है।
सऊदी अरब के बजट में कितना घाटा हुआ और क्या हैं आंकड़े?
सऊदी वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) ने बताया कि 2026 की पहली तिमाही यानी जनवरी से मार्च के बीच देश को 125.7 अरब रियाल (करीब 33.5 अरब डॉलर) का घाटा हुआ है। सरकारी खर्चों में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई जबकि तेल से होने वाली कमाई में 3 फीसदी की गिरावट आई। इस घाटे को पूरा करने के लिए सरकार ने कर्ज लिया जिससे कुल पब्लिक डेट बढ़कर 1.67 ट्रिलियन रियाल हो गई है।
| विवरण | आंकड़े (Q1 2026) | बदलाव |
|---|---|---|
| कुल बजट घाटा | 125.7 अरब रियाल ($33.5bn) | बढ़ोतरी |
| सरकारी खर्च | 386.7 अरब रियाल | 20% वृद्धि |
| तेल राजस्व (Oil Revenue) | 144.7 अरब रियाल | 3% गिरावट |
| गैर-तेल राजस्व | 116.3 अरब रियाल | 2% वृद्धि |
| कुल सार्वजनिक ऋण (Public Debt) | 1.67 ट्रिलियन रियाल | बढ़ोतरी |
Strait of Hormuz के बंद होने से क्या हुआ और अब क्या स्थिति है?
ईरान ने 2 मार्च 2026 को Strait of Hormuz को उन देशों के लिए बंद कर दिया जिन्हें वह अपना मित्र नहीं मानता। इस रास्ते से दुनिया के कुल ईंधन की करीब 20 फीसदी सप्लाई होती है, इसलिए इसके बंद होने से सऊदी अरब के तेल निर्यात पर सीधा असर पड़ा। स्थिति को संभालने के लिए अमेरिका ने 13 अप्रैल को ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी की और 4 मई को ‘Operation Project Freedom’ शुरू किया ताकि जहाजों को रास्ता मिल सके।
- UAE पर हमला: 4 और 5 मई को ईरान ने UAE पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए जिससे वहां तेल सुविधाओं में आग लग गई।
- अमेरिका का फैसला: राष्ट्रपति Donald Trump ने 6 मई को ‘Operation Project Freedom’ को अस्थायी रूप से रोकने का ऐलान किया क्योंकि ईरान के साथ समझौते की उम्मीद जगी है।
- UN का एक्शन: अमेरिका और Gulf देशों ने मिलकर एक UN प्रस्ताव तैयार किया है, जिसमें ईरान को रास्ता न खोलने पर कड़े प्रतिबंधों की चेतावनी दी गई है।
- पाकिस्तान की भूमिका: अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता करने में पाकिस्तान ने अहम भूमिका निभाई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सऊदी अरब के बजट में इतना बड़ा घाटा क्यों हुआ?
ईरान द्वारा Strait of Hormuz को बंद करने से तेल की बिक्री कम हो गई, जिससे तेल राजस्व में 3 फीसदी की गिरावट आई और सरकारी खर्च 20 फीसदी बढ़ गया।
Strait of Hormuz की वर्तमान स्थिति क्या है?
ईरान ने इसे बंद कर रखा है, जिससे करीब 2000 जहाज और 20,000 नाविक फंसे हुए हैं। अमेरिका ने रास्ता खोलने के लिए सैन्य ऑपरेशन चलाया था जिसे अभी अस्थायी रूप से रोका गया है।