सऊदी अरब ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में परमाणु हथियारों को लेकर दुनिया का ध्यान खींचा है। सऊदी अरब के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुलअजीज अल-वासेल ने कहा कि मिडिल ईस्ट को परमाणु हथियारों से मुक्त करना बहुत जरूरी है। उन्होंने गाज़ा में युद्ध रोकने और 1967 की सीमा के आधार पर फिलिस्तीन देश बनाने की भी बात कही।

परमाणु मुक्त मिडिल ईस्ट और NPT संधि की मांग

डॉ. अब्दुलअजीज अल-वासेल ने 29 अप्रैल 2026 को NPT की 11वीं समीक्षा कॉन्फ्रेंस में यह बातें कहीं। उन्होंने कहा कि परमाणु हथियारों को पूरी तरह खत्म करना होगा। सऊदी अरब ने NPT के तीन मुख्य स्तंभों पर जोर दिया है, जो इस प्रकार हैं:

  • निशस्त्रीकरण: हथियारों को खत्म करना।
  • अप्रसार: परमाणु हथियारों को फैलने से रोकना।
  • शांतिपूर्ण उपयोग: परमाणु ऊर्जा का इस्तेमाल केवल शांति और विकास के लिए करना।

अल-वासेल के मुताबिक, इसराइल का NPT संधि में शामिल न होना इस क्षेत्र को परमाणु हथियारों से मुक्त करने में सबसे बड़ी रुकावट है। उन्होंने परमाणु हथियार रखने वाले देशों से अपनी जिम्मेदारियां निभाने को कहा।

गाज़ा में युद्धविराम और फिलिस्तीन राज्य पर सऊदी का रुख

सऊदी अरब ने गाज़ा में तुरंत युद्धविराम की मांग की है। उन्होंने कहा कि दुनिया को फिर से कोशिश करनी चाहिए ताकि 1967 की सीमाओं के आधार पर एक स्वतंत्र फिलिस्तीन राज्य बनाया जा सके। सऊदी अरब का मानना है कि इस कदम से क्षेत्र में स्थिरता आएगी।

ईरान के परमाणु कार्यक्रम और UN की चेतावनी

सऊदी अरब ने ईरान से अपील की कि वह IAEA के साथ पूरा सहयोग करे ताकि उसके परमाणु कार्यक्रम का शांतिपूर्ण उद्देश्य साफ हो सके। उन्होंने उन हमलों की भी निंदा की जिनमें आम नागरिकों को निशाना बनाया गया, जिसे UN सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 के तहत गलत माना गया।

वहीं, UN महासचिव ने 27 अप्रैल 2026 को चेतावनी दी कि दुनिया में परमाणु हथियारों की संख्या फिर से बढ़ रही है और पुराने नियम कमजोर हो रहे हैं। इसी बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी की तैयारी करने के निर्देश दिए हैं ताकि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ दे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब ने परमाणु हथियारों को लेकर क्या मांग की?

सऊदी अरब ने मिडिल ईस्ट को परमाणु हथियारों से मुक्त करने और NPT संधि को पूरी तरह लागू करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इसराइल का इस संधि से बाहर रहना एक बड़ी बाधा है।

गाज़ा और फिलिस्तीन के मुद्दे पर सऊदी का क्या कहना है?

सऊदी अरब ने गाज़ा में तुरंत युद्धविराम करने की अपील की है। साथ ही 1967 की सीमाओं के आधार पर एक स्वतंत्र फिलिस्तीन राज्य बनाने की मांग की है।