सऊदी अरब ने इंडस्ट्रियल सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों और कामगारों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने लाइसेंस प्राप्त इंडस्ट्रियल फर्मों के लिए विदेशी कामगारों पर लगने वाली ‘Expat Levy’ को पूरी तरह से हटा दिया है। दिसंबर 2025 में लिए गए इस फैसले के बाद अब कंपनियों को प्रवासियों को काम पर रखने के लिए एक्स्ट्रा फीस नहीं देनी होगी। इसके साथ ही मक्का मुकर्रमा में एक विशाल इंडस्ट्रियल सिटी की नींव रखी गई है, जिससे रोजगार के नए दरवाजे खुलेंगे।

Expat Levy हटने से क्या बदलाव आएगा?

सऊदी सरकार ने इंडस्ट्रियल ग्रोथ को बढ़ाने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। पहले इंडस्ट्रियल कंपनियों को विदेशी कर्मचारियों के लिए एक तय फीस (Levy) देनी पड़ती थी। 2019 से 2025 तक इसमें अस्थायी छूट दी गई थी, लेकिन अब दिसंबर 2025 में इसे परमानेंट तौर पर रद्द कर दिया गया है।

यह नियम केवल उन कंपनियों पर लागू होगा जिनके पास इंडस्ट्री और मिनरल रिसोर्स मंत्रालय से वैलिड मैन्युफैक्चरिंग परमिट होगा। इससे कंपनियों का खर्चा कम होगा और वे आसानी से स्किल्ड विदेशी कामगारों को नौकरी पर रख सकेंगी।

मक्का के नए प्रोजेक्ट में कितनी नौकरियां मिलेंगी?

मक्का में ‘Arab Al-Badad Industrial City’ का निर्माण शुरू हो गया है। अल-बदाद सऊदी होल्डिंग कंपनी द्वारा बनाए जा रहे इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 2 बिलियन रियाल से ज्यादा है। यह प्रोजेक्ट 13 लाख वर्ग मीटर के दायरे में फैला हुआ है।

  • इस नए प्रोजेक्ट से सीधे तौर पर करीब 5,000 नई नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है।
  • यहाँ बनने वाला सामान अफ्रीका, यूरोप, अमेरिका और मिडिल ईस्ट के देशों में भेजा जाएगा।
  • यह प्रोजेक्ट हज और उमराह सीजन के दौरान भी लॉजिस्टिक्स और सर्विसेज में मदद करेगा।

इस फैसले से जुड़ी खास बातें क्या हैं?

इस पूरे बदलाव के पीछे विजन 2030 का लक्ष्य है। जहाँ एक तरफ Expat Levy हटने से फैक्ट्रियों का बोझ कम हुआ है, वहीं दूसरी तरफ नए प्रोजेक्ट्स में निवेश बढ़ रहा है। अल-बदाद ग्रुप के चेयरमैन डॉ. अल-फतीन बिन हुसैन और सीईओ जायद बिन हुसैन अल-बदाद इस प्रोजेक्ट को लीड कर रहे हैं। अल-खर्ज में भी एक और कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है, जिसमें 375 मिलियन रियाल का निवेश है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.