सऊदी अरब में कार इंश्योरेंस कराने वालों के लिए एक बड़ी खबर है। शुरा काउंसिल के सदस्य अब्दुल्ला अल-वागदानी ने इंश्योरेंस प्रीमियम तय करने के नियमों में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा है। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो अब इंश्योरेंस का पैसा इस बात पर नहीं, बल्कि ड्राइवर की ड्राइविंग हिस्ट्री पर तय होगा।

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अब्दुल्ला अल-वागदानी ने Insurance Authority (IA) से मांग की है कि थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस प्रीमियम की पॉलिसी की समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि प्रीमियम तय करते समय कार के मॉडल के बजाय ड्राइवर के रिकॉर्ड को आधार बनाया जाना चाहिए। इससे उन लोगों को फायदा होगा जिनकी ड्राइविंग हिस्ट्री अच्छी है और जो सुरक्षित गाड़ी चलाते हैं।

प्रस्ताव में कुछ और अहम सुझाव भी दिए गए हैं जो आम लोगों और प्रवासियों की जेब पर असर डालेंगे:

  • मल्टीपल कार डिस्काउंट: जिन लोगों के पास एक से ज़्यादा कारें हैं और वे खुद उन गाड़ियों को चलाते हैं, उनके इंश्योरेंस प्रीमियम में कटौती की जानी चाहिए।
  • रेंटेड कार कवरेज: इंश्योरेंस प्रीमियम का दायरा बढ़ाया जाना चाहिए ताकि इसमें अपनी गाड़ियों के साथ-साथ किराए पर ली गई कारों को भी कवर किया जा सके।

सऊदी अरब में कार इंश्योरेंस कानूनी रूप से अनिवार्य है और थर्ड-पार्टी लायबिलिटी (TPL) न्यूनतम आवश्यकता है। वर्तमान नियमों के अनुसार, इंश्योरेंस प्रीमियम तय करने में ड्राइवर की उम्र, गाड़ी का प्रकार, मॉडल और क्लेम हिस्ट्री जैसी चीज़ें देखी जाती हैं। अगर किसी ड्राइवर का रिकॉर्ड साफ रहता है, तो उसे 30 प्रतिशत तक की छूट मिल सकती है।

मार्केट की जानकारी के मुताबिक, 2026 में थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस की सालाना लागत करीब 650 से 1,500 सऊदी रियाल के बीच है, जबकि कॉम्प्रिहेंसिव इंश्योरेंस 2,000 से 6,000 रियाल या उससे ज़्यादा हो सकता है। इंश्योरेंस अथॉरिटी ने शारीरिक चोट के मामले में न्यूनतम TPL कवरेज सीमा को बढ़ाकर 10 मिलियन सऊदी रियाल कर दिया है।

इन नियमों का सीधा असर उन भारतीय प्रवासियों और अन्य एक्सपैट्स पर पड़ेगा जो सऊदी अरब में अपनी गाड़ी रखते हैं या अक्सर गाड़ियां किराए पर लेते हैं। यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है, तो सुरक्षित ड्राइविंग करने वालों के लिए इंश्योरेंस कराना सस्ता और आसान हो जाएगा।