सऊदी अरब में 11 मार्च को ‘फ्लैग डे’ यानी झंडे का दिन बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर रियाद की किंग अब्दुलअजीज पब्लिक लाइब्रेरी में ‘इन लव विद ग्रीन’ नाम की एक आर्ट प्रदर्शनी लगाई गई। इस आयोजन के जरिए देश के गौरव और उसकी संस्कृति को कला के माध्यम से पेश किया गया।

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‘In Love with Green’ प्रदर्शनी में क्या-क्या दिखा

किंग अब्दुलअजीज पब्लिक लाइब्रेरी और सऊदी आर्ट एसोसिएशन ने मिलकर इस खास प्रदर्शनी का आयोजन किया। इसे लाइब्रेरी के महानिदेशक बंदर अल-मुबारक और सऊदी आर्ट एसोसिएशन की बोर्ड चेयर हाना अल-शिबली ने संयुक्त रूप से खोला।

  • इस प्रदर्शनी में 20 बेहतरीन पेंटिंग्स लगाई गई थीं, जो सऊदी झंडे से प्रेरित थीं।
  • इसमें देश के मशहूर लैंडमार्क और सांस्कृतिक तस्वीरों को भी जगह दी गई।
  • यह प्रदर्शनी 11 मार्च को रात 9 बजे से रात 1 बजे तक आम लोगों के लिए खुली रही।

सऊदी अरब के झंडे से जुड़ी खास बातें और नियम

सऊदी अरब का झंडा देश की एकता और संप्रभुता का प्रतीक है। सरकार ने इसके सम्मान के लिए कई नियम तय किए हैं:

  • तारीख: किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद के शाही आदेश के बाद हर साल 11 मार्च को फ्लैग डे मनाया जाता है।
  • इतिहास: किंग अब्दुलअजीज अल-सऊद ने 1937 में झंडे के अंतिम डिजाइन को मंजूरी दी थी, जिसे 1973 में मानकीकृत किया गया।
  • विशेष नियम: यह दुनिया का इकलौता ऐसा झंडा है जिसे कभी आधा नहीं झुकाया जाता (half-mast नहीं किया जाता), ताकि इसमें लिखे पवित्र शब्दों की गरिमा बनी रहे।
  • रंग और प्रतीक: हरा रंग समृद्धि और विकास का प्रतीक है। झंडे पर लिखा ‘शहादा’ शांति और इस्लाम का संदेश देता है, जबकि तलवार न्याय और सुरक्षा का प्रतीक है।

देश के अन्य हिस्सों में कैसे हुआ जश्न

रियाद के अलावा Tabuk, Jazan, Al-Baha और Makkah जैसे इलाकों में भी सार्वजनिक जगहों को सजाया गया और कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके साथ ही, 12 मार्च को आंतरिक मंत्रालय के मार्गदर्शन और परामर्श सामान्य प्रशासन ने राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया।

Frequently Asked Questions (FAQs)

सऊदी अरब में फ्लैग डे कब मनाया जाता है?

सऊदी अरब में हर साल 11 मार्च को फ्लैग डे मनाया जाता है। इस दिन को किंग सलमान के 1 मार्च 2023 के शाही आदेश के बाद आधिकारिक तौर पर तय किया गया था।

सऊदी झंडे को कभी आधा क्यों नहीं झुकाया जाता?

सऊदी झंडे के केंद्र में ‘शहादा’ (इस्लामी विश्वास की घोषणा) लिखी होती है। इसकी पवित्रता और गरिमा को बनाए रखने के लिए इसे कभी आधा नहीं झुकाया जाता।