सऊदी अरब में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। अब बच्चों को उनकी उम्र के हिसाब से गलत या आपत्तिजनक चीज़ें दिखाना कानूनी तौर पर गलत माना जाएगा। फैमिली वायलेंस रिपोर्टिंग सेंटर ने साफ कहा है कि ऐसा करना बच्चों को नुकसान पहुँचाने जैसा है।

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क्या है नया नियम और कैसे करें शिकायत

सऊदी अरब के मानव संसाधन और सामाजिक विकास मंत्रालय के तहत आने वाले फैमिली वायलेंस रिपोर्टिंग सेंटर ने यह जानकारी दी है। अगर किसी बच्चे को ऐसी वीडियो या सामग्री दिखाई जाती है जो उसकी उम्र के लिए सही नहीं है, तो इसे नुकसान पहुँचाने की श्रेणी में रखा जाएगा। इसके लिए सरकार ने 1919 हेल्पलाइन नंबर जारी किया है, जहाँ कोई भी व्यक्ति 24 घंटे पूरी गोपनीयता के साथ शिकायत दर्ज करा सकता है। यह सेवा बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांग लोगों के लिए उपलब्ध है।

चाइल्ड प्रोटेक्शन लॉ के तहत नियम

सऊदी अरब के चाइल्ड प्रोटेक्शन लॉ के मुताबिक 18 साल से कम उम्र के हर व्यक्ति को बच्चा माना जाता है। इस कानून के 2024 के नए नियमों के आर्टिकल 3 के पॉइंट 16 में साफ लिखा है कि संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चों को किसी भी तरह की अश्लील, आपराधिक या उनकी उम्र के हिसाब से गलत मीडिया सामग्री न दिखाई जाए।

सोशल मीडिया पर बच्चों की वीडियो बनाने पर पाबंदी

सितंबर 2025 में जनरल कमीशन फॉर मीडिया रेगुलेशन ने भी नए नियम लागू किए थे। इसके तहत सोशल मीडिया पर बच्चों या घरेलू कामगारों की डेली लाइफ की वीडियो बनाकर डालना मना है, चाहे वह वीडियो सकारात्मक हो या नकारात्मक। यह नियम समाज के मूल्यों और सार्वजनिक शालीनता को बनाए रखने के लिए बनाया गया है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com