सऊदी अरब की सरकार चीन के साथ अपने व्यापारिक रिश्तों को और मजबूत करने की तैयारी में है। कैबिनेट ने वित्त मंत्री को चीन के साथ कस्टम मामलों में आपसी सहयोग के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर करने का अधिकार दिया है। इस कदम से दोनों देशों के बीच सामान की आवाजाही और कागजी नियमों में काफी आसानी होगी।
सऊदी अरब के वित्त मंत्री, जो Zakat, Tax and Customs Authority (ZATCA) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के चेयरमैन भी हैं, अब इस ड्राफ्ट समझौते पर हस्ताक्षर कर सकेंगे। इस समझौते का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच कस्टम यानी सीमा शुल्क के मामलों में एक-दूसरे की मदद करना और सहयोग बढ़ाना है।
क्या है ZATCA का रोल
Zakat, Tax and Customs Authority (ZATCA) सऊदी अरब की वह सरकारी संस्था है जो जकात, टैक्स और कस्टम ड्यूटी वसूलने का काम करती है। साथ ही यह देश के कस्टम नियमों को लागू करने और उन्हें नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार है। चीन के साथ होने वाला यह समझौता इसी विभाग के कामकाज को और बेहतर बनाएगा।
पुराने समझौतों की जानकारी
सऊदी अरब और चीन पहले भी कई क्षेत्रों में हाथ मिला चुके हैं, जिसकी जानकारी नीचे दी गई है:
- अप्रैल 2023: सऊदी कैबिनेट ने टैक्स प्रशासन में सहयोग के लिए चीन के जनरल टैक्स अथॉरिटी के साथ एक समझौता मंजूर किया था।
- फरवरी 2026: दोनों देशों के बीच डेयरी और एक्वाकल्चर उत्पादों के निर्यात के लिए दो प्रोटोकॉल साइन हुए थे।
- मई 2025: सऊदी और चीन के वित्त मंत्रियों ने इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश और फाइनेंसिंग जैसे मुद्दों पर बातचीत की थी।
इस नए समझौते के बाद दोनों देशों के बीच व्यापारिक लेनदेन और सामान भेजने की प्रक्रिया पहले से ज्यादा सरल और तेज होने की उम्मीद है।