Saudi Arabia के Crown Prince Mohammed bin Salman और चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping के बीच एक अहम फोन कॉल हुई। इस बातचीत में दोनों नेताओं ने दुनिया भर के तनाव को कम करने और क्षेत्र में शांति बनाए रखने पर चर्चा की। खास तौर पर Strait of Hormuz को जहाजों के लिए खुला रखने की जरूरत पर जोर दिया गया ताकि ग्लोबल इकोनॉमी पर असर न पड़े।

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चीन और सऊदी अरब ने तनाव कम करने के लिए क्या कहा?

1 मई 2026 को चीन ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में अपना पक्ष रखा और राष्ट्रपति Xi और Crown Prince Mohammed bin Salman के बीच हुई बातचीत का जिक्र किया। चीन ने अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में तुरंत और पूरी तरह से युद्धविराम की मांग की।

  • चीन ने कहा कि सभी विवादों को राजनीतिक और डिप्लोमैटिक तरीकों से सुलझाना चाहिए।
  • President Xi ने इस बात पर जोर दिया कि Strait of Hormuz से जहाजों का आना-जाना सामान्य रहना चाहिए क्योंकि यह पूरी दुनिया और क्षेत्रीय देशों के हित में है।
  • Crown Prince Mohammed bin Salman ने सऊदी-चीन रिश्तों को रणनीतिक बताया और कहा कि सऊदी अरब बातचीत के जरिए मसलों को हल करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Strait of Hormuz संकट और सऊदी अरब की पाइपलाइन का रोल

Strait of Hormuz में मचे संकट की वजह से अब शिपिंग के वैकल्पिक रास्तों की तलाश की जा रही है। ऐसे में सऊदी अरब अपनी East-West पाइपलाइन का इस्तेमाल कर रहा है ताकि अन्य खाड़ी देशों की मदद की जा सके।

  • सऊदी अरब की East-West पाइपलाइन अभी अपनी पूरी क्षमता 70 लाख (7 million) बैरल प्रतिदिन पर काम कर रही है।
  • यह पाइपलाइन 1980 के दशक में इराक-ईरान युद्ध के दौरान बनाई गई थी ताकि Strait of Hormuz में रुकावट आने पर तेल की सप्लाई जारी रहे।
  • इस व्यवस्था से उन खाड़ी देशों को बड़ी राहत मिल रही है जो Strait of Hormuz में तनाव की वजह से परेशान हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

चीन ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में क्या मांग की?

चीन ने अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच युद्ध में तुरंत युद्धविराम की मांग की और सभी विवादों को बातचीत के जरिए सुलझाने की बात कही।

सऊदी अरब की East-West पाइपलाइन की क्षमता क्या है?

सऊदी अरब की East-West पाइपलाइन वर्तमान में 70 लाख बैरल प्रतिदिन की पूरी क्षमता पर काम कर रही है, जिससे Strait of Hormuz में रुकावट आने पर मदद मिल सके।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.