सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने हूथी विद्रोहियों को कड़ी चेतावनी दी है। गठबंधन ने साफ कहा है कि अगर सऊदी अरब, यहाँ रहने वाले लोगों या सरकारी संपत्तियों पर कोई हमला हुआ, तो उसका जवाब बहुत जोरदार और सख्त होगा। यह ऐलान जुलाई 2026 के पहले हफ्ते में किया गया है।

गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने 4 जुलाई 2026 को एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि हूथी समूह जानबूझकर सऊदी अरब के खिलाफ दावे कर रहा है ताकि यमन के लोगों पर हो रहे जुल्म और वहां के आर्थिक संकट से दुनिया का ध्यान भटकाया जा सके। अल-मलिकी के मुताबिक, हूथी मिलिशिया की ये हरकतें अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं।

यह पूरा विवाद तब बढ़ा जब 3 जुलाई 2026 को हूथी प्रवक्ता याह्या सारी ने धमकी दी थी कि वे सऊदी के हवाई अड्डों और समुद्री हितों को निशाना बनाएंगे। हूथी का आरोप था कि सऊदी अरब ने उनके हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया और एक ईरानी नागरिक विमान को सना हवाई अड्डे पर उतरने से रोका।

जवाब में मेजर जनरल अल-मलिकी ने कहा कि हूथी समूह असल में लाल सागर और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय व्यापार और जहाजों के रास्तों पर हमले कर रहा है। उन्होंने बताया कि इन हमलों की वजह से यमन के अपने बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। इसमें होडेइदा, रास ईसा और सालिफ पोर्ट्स के साथ-साथ सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और कई पावर स्टेशन शामिल हैं।

गठबंधन ने यह भी साफ किया कि वे सऊदी की सुरक्षा के साथ-साथ यमन में स्थिरता लाने के लिए राजनीतिक रास्तों का समर्थन करना जारी रखेंगे, जिसे यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार ने मंजूरी दी है, लेकिन हूथी समूह ने इसे मानने से इनकार कर दिया है।

Nura Basta

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