सऊदी अरब में काम करने वाले प्रवासियों और वहां बिजनेस करने वाले लोगों के लिए एक जरूरी खबर सामने आई है। सऊदी सरकार ने कलेक्टिव हाउसिंग प्रोग्राम के तहत नए नियम सख्ती से लागू कर दिए हैं। इसके मुताबिक जिन कंपनियों या संस्थानों के पास 20 या उससे ज्यादा वर्कर काम करते हैं उन्हें अपने वर्कर के रहने की जगह का स्टेटस सही करना होगा। यह कदम लेबर हाउसिंग को बेहतर बनाने और विजन 2030 के तहत आम जनजीवन सुधारने के लिए उठाया गया है।

हाउसिंग स्टेटस सही करने के लिए क्या हैं दो मुख्य ट्रैक?

सरकार ने कंपनियों को दो डिजिटल ट्रैक के जरिए अपने वर्कर की हाउसिंग जानकारी अपडेट करने का निर्देश दिया है।

  • लाइसेंसिंग ट्रैक (Balady Platform): कंपनियों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से कलेक्टिव हाउसिंग लाइसेंस जारी करना या रिन्यू करना होगा। इसमें स्वास्थ्य, सुरक्षा और फायर सेफ्टी के मानकों को पूरा करना अनिवार्य है।
  • डॉक्यूमेंटेशन ट्रैक (Qiwa Platform): हाउसिंग के डेटा को वर्कर के लेबर कॉन्ट्रैक्ट के साथ डिजिटल रूप से लिंक करना होगा। इससे यह तय होगा कि किसी भी बिल्डिंग में उसकी तय लिमिट से ज्यादा लोग ना रहें।

नियम का पालन नहीं करने पर क्या होगी कार्रवाई?

सऊदी मिनिस्ट्री ऑफ म्युनिसिपैलिटीज एंड हाउसिंग ने साफ कर दिया है कि तय समय के अंदर नियम पूरे नहीं करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। फील्ड टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं और बिना लाइसेंस वाले हाउसिंग को चेक कर रही हैं।

  • वीज़ा पर रोक: कंपनियों के नए वीज़ा निकालने पर तुरंत रोक लगा दी जाएगी।
  • सर्विस फ्रीज़: Qiwa प्लेटफॉर्म पर लेबर ट्रांसफर की सुविधा बंद कर दी जाएगी।
  • जुर्माना: कलेक्टिव हाउसिंग कंट्रोल प्रोसीजर के तहत भारी आर्थिक जुर्माना भी लगाया जाएगा।

वर्कर की सुरक्षा और सुविधा के लिए क्या हैं नए स्टैंडर्ड?

इस नए प्रोग्राम का सीधा असर उन प्रवासियों पर पड़ेगा जो सऊदी अरब में कंपनियों के वर्कर हाउसिंग में रहते हैं। अब कंपनियों को वर्कर को बेहतर सुविधाएं देनी होंगी।

  • हर वर्कर के लिए रहने की तय जगह, पर्सनल लॉकर और अलग बेड देना जरूरी होगा।
  • बिल्डिंग में फायर सेफ्टी के लिए सिविल डिफेंस का सर्टिफिकेट और सही वेंटिलेशन होना चाहिए।
  • लेबर हाउसिंग को फैमिली कॉलोनियों से हटाकर लाइसेंस प्राप्त कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट किया जा रहा है।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.