सऊदी अरब में गलत तरीके से बिजनेस चलाने वालों की अब खैर नहीं है। सरकार ने ‘कमर्शियल कंसीलमेंट’ यानी तसत्तुर के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है। अगर कोई गैर-सऊदी व्यक्ति किसी सऊदी नागरिक के लाइसेंस का इस्तेमाल कर अपना कारोबार चलाता है, तो उसे अब भारी जुर्माना और जेल की सजा काटनी पड़ सकती है।

क्या है कमर्शियल कंसीलमेंट और इसके नियम?

Ministry of Commerce के मुताबिक, कमर्शियल कंसीलमेंट एक ऐसा समझौता है जिसमें एक गैर-सऊदी व्यक्ति को बिना लाइसेंस के सऊदी अरब में आर्थिक गतिविधि करने की अनुमति दी जाती है। इसके लिए वह किसी सऊदी नागरिक के लाइसेंस या अप्रूवल का इस्तेमाल करता है। इस गैरकानूनी काम को रोकने के लिए 25 फरवरी 2021 से नया कानून लागू किया गया है, जिसका पालन करना सभी के लिए जरूरी है।

पकड़े जाने पर कितनी बड़ी होगी सजा?

सरकार ने इस मामले में बहुत सख्त सजा तय की है, जिससे वहां रहने वाले प्रवासियों और बिजनेस चलाने वालों को सावधान रहने की जरूरत है:

  • जेल: दोषी पाए जाने पर 5 साल तक की कैद हो सकती है।
  • जुर्माना: 50 लाख सऊदी रियाल तक का भारी जुर्माना लग सकता है।
  • अन्य कार्रवाई: गैरकानूनी तरीके से कमाया गया पैसा और संपत्ति जब्त कर ली जाएगी और बिजनेस प्रतिष्ठान को बंद कर दिया जाएगा।
  • देश निकाला: इसमें शामिल गैर-सऊदी नागरिकों को डिपोर्ट किया जा सकता है और उन्हें दोबारा सऊदी अरब आने पर पाबंदी लगाई जा सकती है।

अप्रैल 2026 में किन जगहों पर हुई छापेमारी?

National Anti-Commercial Concealment Program ने अप्रैल 2026 के दौरान पूरे सऊदी अरब में 6,574 निरीक्षण दौरों का आयोजन किया। इस कार्रवाई के दौरान 170 संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिन्हें जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को भेज दिया गया है। मुख्य रूप से इन सेक्टरों पर नजर रखी गई:

  • गाड़ियों की मरम्मत और टायर बदलने वाली वर्कशॉप।
  • ताजे जूस और ठंडे पेय पदार्थ बेचने वाली दुकानें।
  • डेकोरेशन और इंस्टॉलेशन का काम करने वाली कंपनियां।
  • सर्विस अपार्टमेंट और कार ब्लैकस्मिथ वर्कशॉप।
  • लोकल कैफे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कमर्शियल कंसीलमेंट की रिपोर्ट कैसे करें?

आम लोग और बिजनेस मालिक Ministry of Commerce द्वारा प्रदान की गई इलेक्ट्रॉनिक सेवाओं के जरिए संदिग्ध मामलों की रिपोर्ट कर सकते हैं।

यह प्रोग्राम कब शुरू हुआ था?

Ministry of Commerce ने इस प्रोग्राम को साल 2017 (1438 हिजरी) में शुरू किया था ताकि देश से इस अवैध प्रैक्टिस को पूरी तरह खत्म किया जा सके।