सऊदी अरब में फर्जी तरीके से बिजनेस चलाने वालों यानी ‘तसत्तुर’ के खिलाफ सरकार ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। अप्रैल के महीने में पूरे किंगडम में 6,500 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की गई, जिसमें 170 संदिग्ध मामले पकड़े गए हैं। यह खबर उन सभी प्रवासियों और व्यापारियों के लिए जरूरी है जो सऊदी में काम कर रहे हैं।

तसत्तुर कानून के तहत क्या है सजा और जुर्माना

National Program to Combat Commercial Cover-up और Ministry of Commerce ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। Anti-Concealment Law के तहत बहुत कड़ी सजा का प्रावधान है:

  • जेल: दोषी पाए जाने पर 5 साल तक की कैद हो सकती है।
  • जुर्माना: 50 लाख सऊदी रियाल (SR 5 million) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • अन्य कार्रवाई: दुकान बंद करना, कमर्शियल रजिस्ट्रेशन रद्द करना और गलत तरीके से कमाए गए पैसे को जब्त करना।
  • प्रवासियों के लिए: गैर-सऊदी नागरिकों को डिपोर्ट किया जा सकता है और उनके दोबारा सऊदी आने पर पाबंदी लगाई जा सकती है।

किन बिजनेस सेक्टर पर रखा गया है नजर

सरकार ने अलग-अलग महीनों में अलग-अलग बिजनेस को टारगेट किया है। अप्रैल और मार्च की छापेमारी की लिस्ट नीचे दी गई है ताकि लोग सतर्क रहें:

महीना टारगेट किए गए बिजनेस
अप्रैल 2026 टायर रिपेयर, जूस और बेवरेज आउटलेट, इंटीरियर डिजाइन, सर्विस अपार्टमेंट, ब्लैकस्मिथ वर्कशॉप और पारंपरिक कैफे
मार्च 2026 सोना और गहने, नट्स, कॉफी, मसाले, परफ्यूम, बेकरी, फल और सब्जियां, हैंडबैग

मुखबिरों के लिए इनाम और रिपोर्टिंग का तरीका

सरकार इस अभियान को सफल बनाने के लिए आम लोगों की मदद ले रही है। Anti-Concealment Law के तहत उन सऊदी नागरिकों को इनाम देने का प्रावधान है जो फर्जी बिजनेस की जानकारी सरकार को देते हैं। मुखबिर को वसूले गए जुर्माने का 30% तक हिस्सा इनाम के तौर पर दिया जा सकता है। सरकार ने इसके लिए एक इलेक्ट्रॉनिक रिपोर्टिंग सर्विस भी शुरू की है जिससे अब बिजनेस संस्थान भी अपने प्रतिस्पर्धियों की शिकायत कर सकते हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

तसत्तुर (Tasattur) क्या है?

यह सऊदी अरब में गैर-सऊदी नागरिकों द्वारा स्थानीय नागरिकों के नाम पर अवैध रूप से बिजनेस चलाने की प्रक्रिया है। सरकार इसे रोकने के लिए नेशनल प्रोग्राम चला रही है।

क्या इस मामले में प्रवासियों को देश छोड़ना पड़ सकता है?

हाँ, यदि कोई गैर-सऊदी नागरिक इस अवैध गतिविधि में शामिल पाया जाता है, तो कोर्ट के फैसले के बाद उसे डिपोर्ट किया जा सकता है और सऊदी अरब में दोबारा काम करने पर बैन लगाया जा सकता है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com