सीरिया की राजधानी दमिश्क में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दूतावास और वहां के मिशन प्रमुख के घर पर तोड़फोड़ और हमले की कोशिश की गई है. सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे पूरी तरह अस्वीकार्य बताया है. सऊदी अरब ने साफ किया है कि राजनयिकों और उनके दूतावासों पर किसी भी तरह का हमला अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है और इसकी जितनी निंदा की जाए कम है.

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दूतावास पर हमले के दौरान क्या-क्या हुआ?

दमिश्क में यह घटना 3 अप्रैल 2026 को हुई थी. प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने दूतावास के बाहर जमकर हंगामा किया और राष्ट्रीय प्रतीकों के साथ अभद्रता की. प्रदर्शनकारियों ने वहां लगे यूएई के झंडे को हटाकर दूसरे झंडे लगाने की कोशिश की. सीरिया के सुरक्षा बलों ने भीड़ को दूतावास के मुख्य परिसर के अंदर जाने से रोकने के लिए काफी मशक्कत की. इस हंगामे के पीछे यूएई और इसराइल के बीच संबंधों को लेकर नाराजगी बताई जा रही है.

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और सुरक्षा के नियम

इस घटना के बाद सऊदी अरब और यूएई सहित कई खाड़ी देशों ने वियना कन्वेंशन (Vienna Convention) का हवाला दिया है. यह अंतरराष्ट्रीय कानून किसी भी देश में मौजूद विदेशी दूतावासों और उनके स्टाफ की सुरक्षा की पूरी गारंटी देता है. यूएई के कूटनीतिक सलाहकार डॉ. अनवर गर्गाश ने कहा कि दूतावासों पर हमला अंतरराष्ट्रीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन है और यह मेजबान देश की सुरक्षा व्यवस्था में कमी को दिखाता है. सीरिया के विदेश मंत्रालय ने भी कहा है कि वह दूतावासों पर किसी भी हमले के खिलाफ है.

घटनाक्रम और महत्वपूर्ण जानकारी

इस पूरे मामले में अलग-अलग देशों और संस्थाओं ने अपने बयान जारी किए हैं जिन्हें नीचे दी गई तालिका में विस्तार से समझा जा सकता है.

तारीख बयान या घटना
3 अप्रैल 2026 दमिश्क में यूएई दूतावास के बाहर दंगाइयों ने तोड़फोड़ की कोशिश की.
4 अप्रैल 2026 यूएई ने सीरिया सरकार से दूतावास की सुरक्षा और जांच की मांग की.
5 अप्रैल 2026 सऊदी अरब ने हमले की निंदा की और राजनयिकों की सुरक्षा पर जोर दिया.
5 अप्रैल 2026 जीसीसी (GCC) और अरब संसद ने घटना को लेकर कड़ा रुख अपनाया.
5 अप्रैल 2026 कुवैत, बहरीन, कतर और ओमान ने भी यूएई के समर्थन में बयान दिए.
5 अप्रैल 2026 अमेरिका के विशेष दूत ने सीरिया को सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा.