सीरिया की राजधानी दमिश्क में एक कैफे के पास जोरदार धमाका हुआ है। इस आतंकी हमले में 10 लोगों की जान चली गई और 21 लोग घायल हो गए। सऊदी अरब ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और सीरिया के साथ अपनी एकजुटता जताई है।

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यह हमला गुरुवार, 2 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 3 बजे हुआ। धमाका दमिश्क की अल-नसर स्ट्रीट पर स्थित एक कैफे में हुआ, जो पैलेस ऑफ जस्टिस से करीब 70 मीटर दूर है। सीरियाई इंटीरियर मिनिस्ट्री के मुताबिक, यह हमला एक आईईडी (IED) बम से किया गया था। इस बम का वजन लगभग एक किलोग्राम था और इसमें लोहे के छोटे टुकड़े भरे हुए थे ताकि ज्यादा नुकसान हो सके।

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने 3 जुलाई 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि सऊदी अरब हिंसा, चरमपंथ और आतंकवाद के खिलाफ सीरिया के साथ खड़ा है। सऊदी सरकार ने मारे गए लोगों के परिवारों और सीरियाई सरकार के प्रति अपनी संवेदनाएं जताई हैं और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की है।

सीरियाई सरकार ने इस पूरी घटना को एक आतंकी साजिश बताया है। हेल्थ मिनिस्टर मुसाब अल-अली ने शुक्रवार को दमिश्क अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना और उन्हें पूरा मेडिकल इलाज देने का भरोसा दिलाया।

सुरक्षा बलों ने धमाके वाली जगह को घेर लिया था और सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयान दर्ज किए गए हैं ताकि हमलावरों की पहचान हो सके। हालांकि, अभी तक किसी भी आतंकी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

इस हमले की निंदा सिर्फ सऊदी अरब ने ही नहीं, बल्कि कुवैत, यूएई, लीबिया, बहरीन, दक्षिण कोरिया और जापान जैसे देशों ने भी की है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता और अरब लीग के नए प्रमुख ने भी सीरिया के साथ अपनी सहानुभूति व्यक्त की है।