मिस्र के Damietta पोर्ट पर 29 जुलाई 2026 को हुए ड्रोन हमले के बाद खाड़ी देशों ने अपनी चिंता जाहिर की है। इस हमले के कारण पोर्ट पर खड़े दो जहाजों में आग लग गई थी, जिसे बुझाने के लिए दमकल कर्मियों ने करीब 12 से 14 घंटे तक संघर्ष किया। सऊदी अरब और GCC ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए मिस्र की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए अपना पूरा समर्थन देने का वादा किया है।
घटना का विवरण और वर्तमान स्थिति
मिस्र के पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, इस हमले में Energos Winter और Gaslog Salem नाम के दो जहाज प्रभावित हुए। राहत की बात यह है कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति हताहत नहीं हुआ और किसी की जान नहीं गई। मिस्र के प्रधानमंत्री Mostafa Madbouly ने स्पष्ट किया कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और ऊर्जा आपूर्ति पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है।
पोर्ट प्रशासन ने बताया कि वर्तमान में पोर्ट का कामकाज पूरी तरह सामान्य है। हमले के दौरान भी लगभग 15 कमर्शियल जहाज सुरक्षित तरीके से पोर्ट के अंदर और बाहर आए गए। पेट्रोलियम मंत्री Karim Badawi ने खुद घटनास्थल का दौरा कर स्थिति की समीक्षा की है। वहीं दूसरी ओर, यमन के Houthi समूह ने इस हमले में अपना कोई भी हाथ होने से इनकार किया है।
