सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने मिस्र, कुवैत और जॉर्डन पर हुए ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। गुरुवार को जारी आधिकारिक बयान में सऊदी अरब ने इन हमलों को ईरान की आक्रामकता करार दिया है। इस घटनाक्रम ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है, जिसका असर सुरक्षा व्यवस्था पर भी देखने को मिल रहा है।
हमले का विवरण और सऊदी की प्रतिक्रिया
मिस्र के Damietta Port पर दो जहाजों में ड्रोन हमले के बाद आग लग गई थी, जिसके बाद सऊदी सरकार ने मिस्र की संप्रभुता और सुरक्षा के प्रति अपना पूरा समर्थन जताया है। वहीं, कुवैत के उत्तरी हिस्से में एक कंपनी सुविधा पर हुए हमले में एक कर्मी की मौत भी हो गई है। सऊदी अरब ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानूनों और पड़ोसी देशों के बीच अच्छे संबंधों के सिद्धांतों का उल्लंघन माना है।
सऊदी प्रशासन ने कुवैत के पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है। सऊदी अरब ने क्षेत्र में ईरान द्वारा किए जा रहे हमलों को तुरंत रोकने की मांग की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है और देश अपनी सुरक्षा के लिए उठाए जाने वाले हर कदम के साथ खड़ा है।
