सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने हूती मिलिशिया के उन दावों को पूरी तरह गलत बताया है, जिसमें उन्होंने सऊदी अरब पर यमनी लोगों की घेराबंदी करने का आरोप लगाया था। हूती समूह ने 20 जुलाई 2026 को यह ऐलान किया था कि वे सऊदी अरब के लिए समुद्री नेविगेशन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा रहे हैं। हूती प्रवक्ता याह्या सारी ने इसे ‘घेराबंदी का जवाब घेराबंदी’ बताया है।
सऊदी सरकार ने दिए आंकड़े
सऊदी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वे यमन के लोगों की मदद के लिए लगातार काम कर रहे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 2026 की पहली छमाही में यमन के होदेइदाह, सलीफ और रस ईसा बंदरगाहों पर 300 से अधिक जहाज पहुंचे हैं। इन जहाजों के जरिए यमन में खाने-पीने की चीजें, ईंधन और निर्माण सामग्री पहुंचाई गई है। सऊदी अरब ने यह भी कहा कि वे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2216 का पालन कर रहे हैं ताकि हथियारों की तस्करी को रोका जा सके।
बढ़ते तनाव की चिंता
हूती नेताओं, जिनमें मेहदी अल-मशात और मोहम्मद अब्दुस्सलाम शामिल हैं, का कहना है कि वे पिछले 12 वर्षों से जारी घेराबंदी का जवाब दे रहे हैं। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने चिंता जताई है कि हूतियों का यह फैसला क्षेत्रीय संघर्ष को और बढ़ा सकता है। इसका सीधा असर बाब अल-मंदाब जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों और वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है। यमनी अधिकारियों ने हूतियों के इस कदम को ईरान समर्थित और आत्मघाती बताया है।
