कुवैत के अहम ठिकानों पर हुए ड्रोन हमलों ने पूरे इलाके में तनाव बढ़ा दिया है। सऊदी अरब ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और इसका आरोप ईरान और उसके समर्थित समूहों पर लगाया है। यह हमला कुवैत की सुरक्षा और संप्रभुता के खिलाफ माना जा रहा है।

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कुवैत पर हमले की पूरी जानकारी क्या है?

कुवैत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, गुरुवार रात 8 अप्रैल 2026 को देश के अहम इंफ्रास्ट्रक्चर पर ड्रोन हमले हुए। कुवैत ने इसे अपनी हवाई सीमा और संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। इन हमलों में देश के महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया था।

सऊदी अरब ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने शनिवार 10 अप्रैल 2026 को इन हमलों को ‘घिनौना’ बताया। सऊदी प्रेस एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, रियाद ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन कहा है। सऊदी सरकार ने ईरान और उसके प्रतिनिधियों से सभी दुश्मन गतिविधियां रोकने की मांग की है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 (2026) को लागू करने पर जोर दिया है।

सऊदी अरब और कुवैत के बीच अब क्या स्थिति है?

सऊदी अरब ने कुवैत के साथ अपनी पूरी एकजुटता जताई है। सऊदी ने साफ किया कि वह कुवैत की सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए उठाए गए हर कदम का समर्थन करता है। रियाद ने चेतावनी दी कि इस तरह की हरकतें पूरे क्षेत्र की शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुवैत पर हमला कब हुआ था?

कुवैत के महत्वपूर्ण ठिकानों पर ड्रोन हमला गुरुवार रात 8 अप्रैल 2026 को हुआ था।

सऊदी अरब ने इस हमले के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया है?

सऊदी अरब ने इस हमले के लिए ईरान, उसके प्रॉक्सी और उससे जुड़े समूहों को जिम्मेदार ठहराया है।